Rajasthan News: राजस्थान में 40 विला-कॉटेज खरीदने से जुड़े विवाद में IAS-IPS दंपति की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले में IAS Officer शिखर अग्रवाल के बाद अब उनकी पत्नी और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रशाखा माथुर पर भी राज्य सरकार ने कार्रवाई की है। सरकार ने प्रशाखा माथुर को Awaiting Posting Orders कर दिया है। वह राजस्थान पुलिस मुख्यालय में ADG पुलिस कल्याण के पद पर तैनात थीं।

क्या है 40 विला-कॉटेज खरीदने का पूरा मामला?

यह पूरा विवाद आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनके परिवार की ओर से करीब ढाई साल के भीतर एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदने से जुड़ा है। इन संपत्तियों की कुल खरीद कीमत करीब 6.16 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में एक और चौंकाने वाली बात यह है कि खरीदने के बाद इन विला-कॉटेज को उसी कंपनी को वापस लीज पर दे दिया गया।

जिससे सालाना करीब 1.80 करोड़ रुपये की आय होने की बात सामने आई। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आईएएस शिखर अग्रवाल के खिलाफ प्रारंभिक जांच दर्ज की है। वहीं, सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-A के तहत जांच की अनुमति भी दे दी है। अब उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर को APO किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।

MBBS के बाद चुनी IPS की राह, कौन हैं प्रशाखा माथुर?

डॉ. प्रशाखा माथुर राजस्थान कैडर की 1995 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 27 नवंबर 1969 को हुआ था और वह मूल रूप से अजमेर की रहने वाली हैं। उन्होंने MBBS के साथ MPM की डिग्री भी हासिल की है। मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा का रुख किया और भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुईं। इसके बाद उन्होंने राजस्थान पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं।

सिरोही से जोधपुर तक संभाली SP की जिम्मेदारी

प्रशाखा माथुर ने प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अलवर सिटी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में अपने पुलिस करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने जयपुर के महिला थाना उत्तर में एएसपी की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2000 में उन्हें सिरोही का पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया।

इसके बाद उन्होंने जोधपुर में सीआईडी, अजमेर जीआरपी, जोधपुर ग्रामीण, बांसवाड़ा और पाली में भी एसपी के रूप में सेवाएं दीं। जुलाई 2003 में उन्हें राजस्थान राज्य महिला आयोग का सदस्य सचिव भी नियुक्त किया गया था।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर IB में भी किया काम

प्रशाखा माथुर का अनुभव राजस्थान पुलिस तक ही सीमित नहीं रहा। वर्ष 2009 में वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली गईं और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में अतिरिक्त उप निदेशक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। बाद में उन्हें उप निदेशक के पद पर भी काम करने का अवसर मिला। वर्ष 2014 में राजस्थान लौटने के बाद उन्हें जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आईजी नियुक्त किया गया। यहां उन्होंने योजना, आधुनिकीकरण एवं कल्याण, भर्ती और पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां निभाईं।

फॉरेंसिक लैब से मानवाधिकार आयोग तक संभाली अहम जिम्मेदारी

साल 2020 के फरवरी महीने में प्रशाखा माथुर को राजस्थान राज्य फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, जयपुर का निदेशक नियुक्त किया गया। इसके बाद जुलाई 2020 में उन्हें राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में ADG के पद पर तैनाती मिली। साल 2023 में उन्हें पुलिस मुख्यालय में पुनर्गठन एवं नियम शाखा की जिम्मेदारी मिली।

सितंबर 2024 में वह एडीजी योजना, आधुनिकीकरण, कल्याण एवं पुनर्गठन बनीं। इसके बाद अक्टूबर 2025 में उन्हें एडीजी योजना, आधुनिकीकरण एवं कल्याण के पद पर नियुक्त किया गया। फिलहाल 40 विला-कॉटेज खरीद विवाद में आईएएस शिखर अग्रवाल के बाद उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर पर हुई कार्रवाई ने राजस्थान के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में इस मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

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