Ghaziabad News: गाजियाबाद में नई आवासीय टाउनशिप विकसित करने के साथ-साथ बेहतर कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया जा रहा है। राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में विकसित होने वाली हरनंदीपुरम आवासीय योजना तक पहुंच आसान बनाने के लिए GDA ने मुख्य मार्गों से जोड़ने की योजना बनाई है। इसके लिए पहले सर्वे कराया जाएगा, ताकि यातायात के लिहाज से उपयुक्त रास्तों की पहचान की जा सके।
प्राधिकरण की योजना है कि हरनंदीपुरम को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, मेरठ रोड, जीटी रोड और पाइपलाइन मार्ग जैसे प्रमुख रास्तों से जोड़ा जाए। इससे भविष्य में टाउनशिप में बसने वाले लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
ईस्टर्न पेरिफेरल तक पहुंचने के लिए बढ़ाया जा सकता है आउटर रिंग रोड
हरनंदीपुरम को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए GDA अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान बनाने के लिए आउटर रिंग रोड को दुहाई तक बढ़ाने का विकल्प भी देखा जा रहा है।
हालांकि, इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए जमीन खरीदने की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा अन्य प्रमुख मार्गों से टाउनशिप को सीधे जोड़ने के विकल्पों का भी सर्वे किया जाएगा। कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए ई-बस सेवा शुरू करने की योजना भी है।
दिवाली के आसपास लॉन्च हो सकता है पहला चरण
GDA हरनंदीपुरम आवासीय योजना के पहले चरण को दिवाली के आसपास लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इस चरण में आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों के साथ ग्रुप हाउसिंग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आवासीय व्यवस्था प्रस्तावित है। योजना में गोल्फ कोर्स विकसित करने की भी योजना है।
पहले चरण के लिए 47.1612 हेक्टेयर जमीन पर काम किया जाएगा। प्राधिकरण के अनुसार, जमीन का अधिग्रहण पूरा कर उसका भू-उपयोग आवासीय कर दिया गया है। योजना के पंजीकरण के लिए रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (RERA) में भी आवेदन किया जा चुका है। हालांकि, योजना की लॉन्चिंग की अंतिम तारीख और भूखंडों की कीमतों से जुड़ी जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
पहले चरण में होंगे करीब 2,000 आवासीय भूखंड
हरनंदीपुरम के पहले चरण में 120 से 500 वर्ग मीटर तक के करीब 2,000 आवासीय भूखंड प्रस्तावित हैं। प्राधिकरण इसे ग्रीन थीम पर विकसित करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित भूमि उपयोग के अनुसार पहले चरण में करीब 35 प्रतिशत क्षेत्र आवासीय उपयोग के लिए, 27 प्रतिशत हरियाली के लिए, 25 प्रतिशत सार्वजनिक और अर्ध-सार्वजनिक सुविधाओं के लिए तथा 5 प्रतिशत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए रखा जाएगा। इस योजना में आवासीय सुविधाओं के साथ हरियाली और सार्वजनिक सुविधाओं पर भी ध्यान देने की बात कही गई है।
501 हेक्टेयर में विकसित होगी हरनंदीपुरम टाउनशिप
हरनंदीपुरम आवासीय योजना को कुल करीब 501 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। इसके लिए मथुरापुर, शमशेर, चंपतनगर, भनेड़ा खुर्द, नगला फिरोज मोहनपुर, भोवापुर, शाहपुर निज मोरटा और मोरटा समेत आठ गांवों की जमीन शामिल की जा रही है। GDA के मुताबिक, अब तक 202.3455 हेक्टेयर जमीन का बैनामा प्राधिकरण के पक्ष में पूरा हो चुका है। वहीं, लगभग 100 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि के लिए किसानों की सहमति मिल गई है और बैनामे की प्रक्रिया चल रही है।
GDA उपाध्यक्ष ने क्या कहा?
GDA उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के मुताबिक, हरनंदीपुरम योजना का पहला चरण दिवाली के आसपास लॉन्च करने की तैयारी है। सर्वे के माध्यम से टाउनशिप को मुख्य मार्गों से जोड़ने के विकल्प तलाशे जाएंगे, ताकि लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।
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