Ishan Kishan: भारत में खेली जा रही दलीप ट्रॉफी 2026 के क्वार्टर फाइनल में ईस्ट जोन ने पारी और 210 रन से नॉर्थ ईस्ट जोन को हरा दिया है। इस जीत के बाद ईस्ट जोन सेमीफाइनल में पहुंच गई है, जहां उनकी भिड़ंत 30 अगस्त को सेंट्रल जोन से होगी। रेड बॉल प्रतियोगिता के लिए ईस्ट जोन के चयनकर्ताओं ने ईशान किशन को कप्तान बनाया है, जिसकी कप्तानी में टीम ने विशालकाय जीत दर्ज की है।

ईशान इंटरनेशनल और डॉमेस्टिक क्रिकेट में सक्रिय हैं और इसका अंदाजा नवंबर 2025 के बाद से खेले 59 मैचों (अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों मिलाकर) से लगाया जा सकता है। हालांकि,नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ दर्ज की बड़ी जीत के बाद कप्तान ईशान किशन ने चौंकाने वाला बयान दिया है।

फॉर्मेट को बदलने में होती है परेशानी-ईशान

ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच क्वार्टर-फाइनल मैच बेंगलुरु में स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला गया था। यहां पर जीत के बाद ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने खुलासा किया कि सफेद गेंद से लाल गेंद में खुद को ढालना काफी मुश्किल होता है। ईशान ने बताया, खिलाड़ियों के लिए एक प्रारूप से दूसरे प्रारूप में शिफ्ट करना बेहद मुश्किल होता है। जब आप सिमित ओवरों से पांच दिवसीय मैचों में जाते हैं तो खेल का तारीका और परिस्थितियांं पूरी तरह से बदल जाती हैं। हालांकि, ईशान ने इस बात पर जोर दिया कि अलग-अलग प्रारूपों के खिलाफ से खुद में तब्दीली करना ही खेल की असली चुनौती और मजा है।

खिलाड़ी की जिंदगी आसान नहीं- ईशान

भारतीय टीम के युवा स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि एक खिलाड़ी के तौर पर हमारी जिंदगी में काफी कठिनाइयां होती हैं।

बाहर से यह सब देखना काफी सुखद लगता है। उनको लगता है कि एक खिलाड़ी मैदान पर जाता है और खेलकर निकल जाता है। लेकिन, यह सच्चाई नहीं है।

सच्चाई यह है कि एक खिलाड़ी जहां भी जाते हैं तो उनके दिमाग में हर समय बहुत सी बातें चलते रहते हैं। बता दें कि, ईशान ने भारत के लिए अभी तक सिर्फ दो टेस्ट खेले हैं, लेकिन 32 वनडे और 55 टी20 मैचों में वह भारतीय जर्सी पहनकर मैदान पर उतर चुके हैं।

ये भी पढ़ें- रोहित-सूर्या फिर होंगे नजरअंदाज! हार्दिक पंड्या के बाद ये खिलाड़ी बन सकता है मुंबई इंडियंस का नया कप्तान

लोग मेरा विश्वास नहीं करते- ईशान किशन

साक्षात्कार में ईशान से सवाल किया गया है कि क्या वह दोबारा भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं। इसपर बिना वक्त गंवाए उन्होंने कहा,

‘’हां, 100 फीसदी वह दोबारा टीम इंडिया की टेस्ट टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं। जिसने भी कम से कम एक बार लाल गेंद से खेला है, उसको इस प्रारूप से प्यार हो जाता है। टेस्ट क्रिकेट का एक अलग महत्व है और इससे खिलाड़ी के खेल में काफी परिवर्तन आता है। लोग भले ही मेरी बातों का विश्वास न करें, लेकिन टेस्ट क्रिकेट खेलने में काफी मजा आता है। यहां पर मुख्य कारण रन बनाना और अपनी टीम को जीत दिलाना है।''

ये भी पढ़ें- रोहित को किया बाहर, सूर्या को मिली जगह, RCB के कप्तान ने चुनी IPL की ऑलटाइम बेस्ट प्लेइंग-11