Aligarh News: उत्तर प्रदेश में जिलों के नाम बदलने की कड़ी में अब 'तालानगरी' अलीगढ़ का नाम 'हरिगढ़' करने की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। राज्य सरकार ने अलीगढ़ नगर निगम और स्थानीय प्रशासनिक विभागों से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। शासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि नाम परिवर्तन के मार्ग में कोई तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन न आए। शासन के निर्देश मिलते ही नगर निगम प्रशासन ने पुराने प्रस्तावों, आपत्तियों और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा शुरू कर दी है।

नगर निगम तैयार कर रहा तथ्यात्मक रिपोर्ट
नगर आयुक्त (म्युनिसिपल कमिश्नर एवं CEO) प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि सदन में पहले भी कई बार नाम बदलने की मांग उठ चुकी है। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि सरकार के निर्देश पर अब तक पास हुए प्रस्तावों और आपत्तियों की गहन जांच की जा रही है। नगर निगम जल्द ही सभी जरूरी तथ्यों और विवरणों के साथ एक अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपेगा।

मेयर ने बताया 'सनातन संस्कृति' की पहचान
अलीगढ़ के मेयर प्रशांत सिंघल ने शासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वर्ष 2023 और 2026 के नगर निगम सत्र में पार्षदों की मांग पर यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर सरकार को भेजा गया था। मेयर के अनुसार कि हम सनातन परंपरा से गहराई से जुड़े हैं। ऐतिहासिक रूप से इस शहर का संबंध स्वामी हरिदास जी से रहा है और इसे 'हरिगढ़' के नाम से जाना जाता था। अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ होने से इसे देश भर में एक 'सनातन शहर' के रूप में नई पहचान मिलेगी। हमें उम्मीद है कि शासन से इस प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलेगी।

600 सालों में 5 बार बदला जा चुका है नाम
ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक, पिछले 600 वर्षों में इस शहर का नाम 5 बार बदला जा चुका है। कोल (सबसे प्राचीन नाम), मुहम्मदगढ़, साबितगढ़, रामगढ़, अलीगढ़ का नाम शामिल है । राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रमों के साथ शहर का नाम बदलता रहा है। अब एक बार फिर अलीगढ़ को उसका प्राचीन नाम 'हरिगढ़' देने की यह प्रशासनिक हलचल प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। 

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 Written by Shailesh Yadav