World Badminton Championship, Treesa Jolly and Gayatri Gopichand: 17 सालों के लंबे इंतजार के बाद वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन भारत में हो रहा है और इसमें भारत की स्टार शटलर त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने इतिहास रच दिया है। दोनों की जोड़ी ने कमाल का खेल दिखाते हुए 15 सालों बाद भारत का पहला मेडल पक्का कर दिया है।

त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने रच दिया इतिहास

बता दें कि इस समय दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 का आयोजन हो रहा है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 17 अगस्त को हुई थी और यह 23 अगस्त, 2026 तक चलने वाला है। यह बैडमिंटन के सबसे सम्मानित ग्लोबल टूर्नामेंट का 30वां संस्करण है और 17 सालों के बाद भारत में इसकी वापसी हो रही है।

इसी टूर्नामेंट में भारतीय शटलर त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने इतिहास रच दिया है। 21 अगस्त को भारतीय महिला जोड़ी ने चीन की महिला जोड़ी को पछाड़ते हुए नई दिल्ली में आयोजित BWF विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। इस जीत के साथ ही उन्होंने इंडिया का कम से कम एक कांस्य पदक पक्का कर दिया है।

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खत्म होगा 15 साल का सूखा

मालूम हो कि भारत ने आखिरी बार साल 2011 में महिला डबल्स में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीता था। उस दौरान ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने भारत को उसका पहला ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था। अब इंडिया 2026 में एक बार फिर मेडल जीतने वाली है। हालांकि इस बार फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि भारत सिल्वर या गोल्ड मेडल जीते।

जिया यी फैन और झांग शू शियान को दी मात

बताते चलें कि त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने चौथी वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी जिया यी फैन और झांग शू शियान को 69 मिनट चले मुकाबले में 16-21, 21-15, 21-13 से मात दी और इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के बाद त्रीसा और गायत्री इस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली भारत की दूसरी महिला डबल्स जोड़ी बन गई हैं। लेकिन अगर ये दोनों सिल्वर या गोल्ड मेडल जीत जाती हैं, तो सबसे आगे निकल जाएंगी।

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