पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बीजेपी और TMC आमने-सामने आ चुकी हैं। दोनों पार्टियों के बीच वार-पलटवार का दौर बना हुआ हैं तो वहीं दोनों के बीच जम कर तीखी बहस देखने को मिल रही है। सुवेंदु अधिकारी ने जहां अपने भाषण में ममता को घर से बाहर ना निकलने की बात कहीं थी तो वही अब ममता ने भी पलटवार करते हुए उनके कथित बयान पर सवाल किया कि लोकतंत्र में किसी को यह तय करने का अधिकार कैसे मिल सकता है कि कौन घर से बाहर निकलेगा और कौन नहीं?

ममता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सुवेंदु अधिकारी के बयान का वीडियो शेयर करते हुए सवाल किया कि आखिर किसी को यह अधिकार किसने दिया कि वह तय करे कि कोई राजनीतिक नेता अपने घर से बाहर निकल सकता है या नहीं?

डराने की कोशिश है या राजनीतिक उत्पीड़न?
वहीं ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने संविधान की रक्षा की शपथ ली है, लेकिन अब वही विपक्षी दल की अध्यक्ष की आवाजाही की स्वतंत्रता को सीमित करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे बयान का आखिर मतलब क्या है? क्या यह डराने की कोशिश है या हाउस अरेस्ट की धमकी है?

‘मैं राजनीति से संन्यास नहीं लूंगी’
वहीं इस बीच ममता बनर्जी ने अपने बयान में राजनीति छोड़ने के अटकलों को खारिज करते हुए फेसबुक लाइव के दौरान कहा कि जो लोग यह सोच रहे हैं कि उन्हें अनुमति न मिलने की वजह से वह राजनीति से ‘संन्यास’ ले लेंगी, वे गलत हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनकी राजनीतिक लड़ाई जारी रहेगी और यह लड़ाई तब तक नहीं रुकेगी, जब तक बीजेपी को राजनीतिक रूप से रिटायर नहीं कर दिया जाता।

अभिषेक बनर्जी ने भी बीजेपी पर साधा निशाना
ममता बनर्जी के बयान के बाद TMC नेता और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब कोई सम्मान हासिल नहीं कर पाता तो डर पैदा करने की कोशिश करता है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की राजनीति में धमकी और डराने की कोशिशें उसकी असुरक्षा को ही उजागर करती हैं।

यह भी पढ़ें:देशभर में बारिश का दौर जारी, 25 राज्यों में अलर्ट; कई जगह तेज हवाओं के साथ बरसेंगे बादल