पटना में मंगलवार (25 अगस्त) को छात्र संगठनों की ओर से मुख्यमंत्री आवास घेराव मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च सुबह 11 बजे गांधी मैदान से शुरू होगा। पिछले एक सप्ताह से ABSU समेत कई छात्र संगठन गर्दनीबाग में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। अब छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सीएम आवास तक मार्च करने का फैसला लिया है। इस आंदोलन को RYA, SSAI, छात्र युवा संघर्ष मोर्चा समेत 14 संगठनों का समर्थन मिला है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी मार्च का समर्थन किया है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होने की संभावना है। मार्च गांधी मैदान से निकलकर डाकबंगला, तारामंडल और जेपी गोलंबर होते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ेगा।

प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा

मुख्यमंत्री आवास और आसपास का क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। यहां किसी भी तरह के प्रदर्शन या मार्च की अनुमति नहीं है। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और कई चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से जेपी गोलंबर के आगे प्रदर्शनकारियों को रोकने की तैयारी की गई है। अगर छात्र जबरन आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं तो पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज की संभावना जताई जा रही है।

छात्रों की प्रमुख मांगें

छात्र संगठनों की सबसे बड़ी मांग बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा संचालन और रिजल्ट प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है, उन्होंने पूरी प्रक्रिया की हाईकोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा छात्रों ने लाइब्रेरियन भर्ती शुरू करने, BSSC में संविदा वेटेज खत्म करने और परीक्षा तिथि जारी करने की मांग रखी है, साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती से पहले एलिजिबिलिटी टेस्ट अनिवार्य करने और कथित गड़बड़ी वाली दरोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग भी शामिल है।

भर्ती नियमों में बदलाव से लेकर पेपर लीक पर सख्ती तक

छात्रों की अन्य मांगों में बिहार की सभी भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 45 वर्ष करना, 90 फीसदी तक डोमिसाइल नीति लागू करना, भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करना और पेपर लीक व धांधली के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना शामिल है। इसके अलावा TRE-4 में एकल परीक्षा प्रणाली लागू करने और नेगेटिव मार्किंग हटाने की मांग भी छात्र संगठनों ने उठाई है। सीएम आवास घेराव कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

 

ये भी पढ़ें- CJP का 5 सितंबर को दिल्ली में विरोध मार्च, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप