लाइफस्टाइल
ऑफिस में सोना अब स्टाइल है! Gen Z के बीच वायरल हुआ 'Chinmaxing' ट्रेंड
क्या ऑफिस में डेस्क पर सोना अब 'स्टाइल' बन गया है? जानिए क्या है Gen Z के बीच वायरल हो रहा 'Chinmaxing' ट्रेंड, जिसे युवा अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने का नया तरीका बता रहे हैं।
कॉर्पोरेट की दुनिया में हर रोज कुछ न कुछ नया और अजीब सुनने को मिलता है। आजकल सोशल मीडिया पर Gen Z यानी नई पीढ़ी के बीच एक नया वर्कप्लेस ट्रेंड तहलका मचा रहा है, जिसका नाम है— 'Chinmaxing' (चिनमैक्सिंग)। अगर आप ऑफिस में काम के दौरान डेस्क पर झपकी लेते हैं, तो पहले इसे आलस या लापरवाही माना जाता था, लेकिन अब Gen Z इसे अपनी 'प्रोडक्टिविटी' बढ़ाने का सीक्रेट हथियार बता रहे हैं।
क्या है ये 'चिनमैक्सिंग' ट्रेंड?
दरअसल, चीन से शुरू हुआ यह ट्रेंड अब पूरी दुनिया के युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। इसमें कर्मचारी काम के बीच में डेस्क पर ही सिर टिकाकर या सोकर कुछ मिनटों की झपकी (Power Nap) लेते हैं। पहले जहां लोग बॉस की नजरों से बचकर सोने की कोशिश करते थे, वहीं अब Gen Z इसे खुलकर अपना रहे हैं। उनका मानना है कि लगातार 9-10 घंटे स्क्रीन के सामने बैठने से दिमाग जाम हो जाता है, जिसे 'रीचार्ज' करने के लिए यह छोटी सी नींद जरूरी है।
थका दिमाग गलतियां करता है
इस ट्रेंड को फॉलो करने वाले युवाओं का कहना है कि लगातार काम करने से स्ट्रेस बढ़ता है और काम की क्वालिटी गिरती है। 15 से 20 मिनट का एक छोटा सा ब्रेक या नैप दिमाग को फ्रेश कर देता है, जिससे वो दोबारा बेहतर तरीके से काम कर पाते हैं। उनके लिए यह आलस नहीं, बल्कि 'वर्क-लाइफ बैलेंस' बनाने का एक तरीका है। कई लोग तो इसे अपनी सेहत और मानसिक शांति के लिए भी जरूरी मान रहे हैं।
कॉर्पोरेट जगत में 'रेड फ्लैग' है ये आदत?
भले ही युवा इसे सही ठहरा रहे हों, लेकिन पुरानी विचारधारा वाली कंपनियों और लीडर्स के लिए यह आज भी एक 'रेड फ्लैग' है। कई ट्रेडिशनल ऑफिसों में डेस्क पर सोने को अनुशासनहीनता और काम के प्रति अरुचि माना जाता है। सीनियर मैनेजमेंट का तर्क है कि इससे ऑफिस का माहौल खराब होता है और दूसरे कर्मचारियों पर भी इसका गलत असर पड़ता है। यही वजह है कि 'चिनमैक्सिंग' पर अब बहस छिड़ गई है।
बदल रही है वर्क कल्चर की तस्वीर
तेज रफ्तार वर्क कल्चर, डेडलाइन का प्रेशर और लंबी मीटिंग्स ने लोगों को थका दिया है। ऐसे में 'चिनमैक्सिंग' जैसे ट्रेंड्स ये दिखाते हैं कि अब कर्मचारी सिर्फ गधों की तरह काम नहीं करना चाहते, बल्कि अपनी मेंटल हेल्थ को भी तवज्जो दे रहे हैं। अब देखना ये होगा कि क्या कंपनियां इस नए ट्रेंड को अपनाकर ऑफिस में 'स्लीप पॉड्स' बनवाएंगी या फिर डेस्क पर सोने वालों की शामत आएगी।
Written by: Anushka sagar
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