US-Iran War: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध के बादल गहराने लगे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले कदम को लेकर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
इजरायल के सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य विमानों की लैंडिंग और ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों पर वॉशिंगटन में हुई चर्चा ने क्षेत्रीय हलचल बढ़ा दी है।
इजरायल पहुंचे 10 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य विमान
अमेरिका और इजरायल के बीच सैन्य गतिविधियां तेज होने के संकेत मिले हैं। इजरायली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में 10 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य परिवहन विमान दक्षिणी इजरायल के नेवातिम और ओवदा एयरबेस पर पहुंचे हैं।
इन विमानों के जरिए सैन्य उपकरण और संभावित एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी खेप पहुंचाए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, विमानों में वास्तव में कौन-सा सामान था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका क्षेत्र में अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। इसमें पैट्रियट और THAAD जैसे मिसाइल रक्षा सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति भी शामिल हो सकती है। जॉर्डन, कतर और सऊदी अरब में भी अमेरिकी सैन्य विमानों की गतिविधियां सामने आई हैं।
ट्रंप के सामने ईरान पर हमले के कई विकल्प
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों की जानकारी दिए जाने की खबर सामने आई है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस में ट्रंप को सैन्य विकल्पों पर ब्रीफिंग दी।
इस बैठक में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन भी शामिल हुए। एक अमेरिकी सांसद ने भी युद्ध को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया की ईरान पर हमले का रोडमैप तैयार हो गया है।
यह भी पढ़े - Pakistan: शहबाज सरकार के खिलाफ आवाम ने खोला मोर्चा, एक वक्त की रोटी के लिए तड़प रही जनता