नई दिल्ली: दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली INDIA ब्लॉक की मेगा रैली से पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बैठक की। इस रैली के जरिए विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाएगा। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं।
'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' के नाम से आयोजित होने वाली इस रैली में देशभर से विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजकों ने करीब 10 लाख लोगों के जुटने का अनुमान जताया है।
डेरेक ओ ब्रायन बोले- हम सब एक साथ हैं
तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने रैली को लेकर कहा कि INDIA गठबंधन केवल राजनीतिक दलों को ही नहीं, बल्कि सिविल सोसाइटी, छात्रों, युवाओं, मजदूरों और आम लोगों को भी एक मंच पर ला रहा है।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, झारखंड मुक्ति मोर्चा, CPI, RJD और अन्य विपक्षी दल इस अभियान में साथ हैं। उनके मुताबिक, सभी मिलकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे।
कर्नाटक के मंत्री अजय धर्म सिंह ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली में लोगों की भागीदारी रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बीजेपी ने चुनाव आयोग का किया बचाव
विपक्ष की मांग पर बीजेपी नेता केया घोष ने चुनाव आयोग का बचाव किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की पूरी पीठ ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर संबंधित फैसले को सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय बताया है।
उन्होंने कांग्रेस पर पश्चिम बंगाल में चुनावी हार स्वीकार नहीं कर पाने का आरोप भी लगाया और सवाल किया कि केरल और तमिलनाडु में जीत के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग पर सवाल क्यों नहीं उठाए।
चिराग पासवान ने रैली की तारीख पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रैली के समय पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि दशहरा और दिवाली के बीच का समय व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करते हैं, ऐसे में दिल्ली में बड़ी रैली से बाजारों और आम जनता को परेशानी हो सकती है।
उन्होंने 1 नवंबर की तारीख को 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी से जोड़ते हुए कांग्रेस पर संवेदनशीलता नहीं दिखाने का आरोप लगाया।
व्यापारियों को ट्रैफिक और कारोबार प्रभावित होने की चिंता
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने भी रैली को लेकर चिंता जताई है। संगठन के मुताबिक, करीब 10 लाख लोगों और 15 से 20 हजार वाहनों के मध्य दिल्ली पहुंचने से यातायात प्रभावित हो सकता है। इससे राजधानी के लगभग 20 पुराने बाजारों में कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है।
हेमंत सोरेन समेत कई नेता होंगे शामिल
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुए। उनके 1 नवंबर की रैली में शामिल होने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने भी भागीदारी की पुष्टि की है।
वहीं, वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन ने रैली को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के कम से कम पांच राज्यों से पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल होंगे।
बारिश के कारण टला मॉक इम्पीचमेंट कार्यक्रम
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित मॉक पब्लिक इम्पीचमेंट कार्यक्रम को बारिश के कारण टाल दिया गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं को बारिश में बैठने से होने वाली परेशानी को देखते हुए यह फैसला आपसी सहमति से लिया गया।
अब विपक्ष की नजर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली पर है। इस आयोजन में चुनाव आयोग, SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाएगा।
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