Xi Jinping: क्या शी जिनपिंग की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है? क्या चीन में तख्तापलट होने जा रहा है? ऐसे कई सवाल है जिसने एक नई बहस छेड़ दी है। दरअसल चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने अपनी एक बड़ी वार्षिक राजनीतिक बैठक के समापन पर रिकॉर्ड 33 सदस्यों को पार्टी से निकाल दिया है। इस बैठक में अब तक की सबसे अधिक खाली सीटें देखी गईं।
इस पांचवें पूर्ण अधिवेशन (प्लेनम) में केंद्रीय समिति के 279 सदस्य शामिल हुए, जबकि अक्टूबर 2025 में हुए चौथे पूर्ण अधिवेशन में 315 सदस्य और जुलाई 2024 में हुए तीसरे पूर्ण अधिवेशन में 364 सदस्य मौजूद थे।
इस वजह से निकाले गए 33 सदस्य
गुरुवार को जारी एक बयान के अनुसार, निकाले गए 33 सदस्यों में से 16 सेना से हैं। यह बयान बीजिंग के एक होटल में चार दिनों तक चली बंद कमरे की बैठक के समापन पर आया है। यह स्पष्ट नहीं है कि इन सदस्यों पर "गंभीर अनुशासनात्मक और कानूनी उल्लंघनों" के अलावा और क्या विशिष्ट आरोप हैं। शी के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के तहत इस तरह के व्यापक आरोप लगाना एक आम बात हो गई है।
कार्नेगी चाइना के नॉन-रेजिडेंट स्कॉलर चोंग जा इयान का कहना है कि यह अब "अपनी सत्ता को मजबूत करने और बनाए रखने की एक कोशिश" बन गई है। हालांकि यह नया नहीं है, बीच-बीच में ऐसी खबरें सामने आती रहती है। जिसने एक बार फिर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है कि क्या चीन में कुछ बड़ा होने जा रहा है।
शी जिनपिंग पर मंडराया बड़ा संकट
शी जिनपिंग के खिलाफ तख्तापलट की चर्चाएं नई नहीं हैं। समय-समय पर चीन की राजनीति में आंतरिक विरोध और सत्ता संघर्ष को लेकर कई तरह के दावे सामने आते रहे हैं। जनवरी 2026 में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद भी ऐसी अटकलों ने जोर पकड़ा था।
चीन में सत्ता के शीर्ष स्तर पर जारी हलचल का असर केवल देश की आंतरिक राजनीति तक सीमित नहीं है। चीन की सैन्य ताकत और ताइवान के आसपास उसकी गतिविधियों को देखते हुए दुनिया के कई देश इन घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं।
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