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बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट का दावा : जुलाई के अभियानों में 97 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों की मौत
बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने अपने मासिक अभियान रिपोर्ट में कहा कि ये कार्रवाई पाकिस्तानी सेना और राज्य बलों, सैन्य एवं आर्थिक ढांचे, संचार नेटवर्क तथा निगरानी प्रणालियों को निशाना बनाकर की गईं।
Balochistan Liberation Front: बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने जुलाई महीने में बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में चलाए गए 48 अभियानों के दौरान 97 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को मार गिराया और 15 अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया। संगठन ने पांच ऐसे लोगों को भी मारने का दावा किया है, जिन्हें उसने कथित तौर पर मुखबिर बताया है। यह जानकारी द बलूचिस्तान पोस्ट (TBP) की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है।
बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलोच ने अपने मासिक अभियान रिपोर्ट में कहा कि ये कार्रवाई पाकिस्तानी सेना और राज्य बलों, सैन्य एवं आर्थिक ढांचे, संचार नेटवर्क तथा निगरानी प्रणालियों को निशाना बनाकर की गईं।
संगठन के अनुसार, जुलाई में ये हमले बलूचिस्तान के मस्तुंग, खुजदार, बसीमा, मंड, तुम्प, कहान, चागाई, खारान, कलात, गोमाजी, झाओ, क्वेटा, जामुरान, सुराब, मशकेल, बुलेदा, कराची, पसनी, रखनी, नाल, खुदान, बलनिगवार और मश्के क्षेत्र में किए गए।
बीएलएफ ने दावा किया कि इन अभियानों का उद्देश्य बलूचिस्तान में पाकिस्तान की "औपनिवेशिक संरचना" को कमजोर करना, क्षेत्र के संसाधनों के कथित शोषण को रोकना और राज्य के सैन्य प्रभाव को कम करना है।
संगठन ने कहा कि जुलाई के दौरान उसके हमलों में कुल 117 लोगों को नुकसान पहुंचा, जिसमें 97 सैन्यकर्मियों की मौत, 15 सैन्यकर्मियों के घायल होने और पांच कथित मुखबिरों की मौत शामिल है।
बीएलएफ प्रवक्ता ने 22 जुलाई को मस्तुंग के खड़कूचा क्षेत्र स्थित मैक्रो स्टॉप पर एक बड़े पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर हुए हमले को महीने का सबसे बड़ा और घातक अभियान बताया। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में 17 सैन्यकर्मी मारे गए और 10 घायल हुए, जबकि सैन्य काफिले को भी भारी नुकसान पहुंचा।
बीएलएफ ने आगे दावा किया कि जुलाई के दौरान उसके लड़ाकों ने प्रमुख राजमार्गों पर नौ स्थानों पर नाकेबंदी कर सैन्य आपूर्ति मार्गों को बाधित किया। संगठन के अनुसार, सात सैन्य काफिलों पर घात लगाकर हमला किया गया, जिनमें जवानों और सैन्य सामग्री को नुकसान पहुंचा।
इसके अलावा बीएलएफ ने छह प्रमुख सैन्य शिविरों और सात चौकियों पर समन्वित हमलों का दावा किया। संगठन के अनुसार, उसके लड़ाकों ने निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दो ड्रोन और तीन जमीनी निगरानी कैमरों को नष्ट किया तथा हमलों में 15 सैन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। उसने पांच आधुनिक हथियार कब्जे में लेने का दावा भी किया।
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बीएलएफ के अनुसार, जुलाई में उसके अभियानों में 16 भारी हथियारों वाले हमले, आठ घात लगाकर किए गए हमले, पांच खुफिया-आधारित गुप्त अभियान, चार स्नाइपर हमले, दो ग्रेनेड लॉन्चर हमले, दो आईईडी हमले और एक हैंड ग्रेनेड हमला शामिल थे।
मेजर ग्वाहराम बलोच ने कहा कि बीएलएफ बलूचिस्तान की "पूर्ण स्वतंत्रता और संप्रभुता" हासिल करने तक अपने अभियानों को नियमितता, नवीनता, विविधता और अधिक तीव्रता के साथ जारी रखेगा।
Written By: Pradeep Singh
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