UP Railway Projects: उत्तर प्रदेश के रेल नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के सीतापुर-बुढ़वल-गोंडा-गोरखपुर-भटनी-छपरा हाई डेंसिटी नेटवर्क पर अब तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की तैयारी तेज हो गई है। इससे इस व्यस्त रेल रूट की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के संचालन को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
रेल मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश में कुल 49 रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई करीब 3,807 किलोमीटर और अनुमानित लागत 62,360 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में रेल कनेक्टिविटी और ट्रैक क्षमता मजबूत होगी।
सीतापुर-बुढ़वल रूट पर तीसरी और चौथी लाइन
पूर्वोत्तर रेलवे के हाई डेंसिटी नेटवर्क में शामिल सीतापुर-बुढ़वल-गोंडा-गोरखपुर-भटनी-छपरा रेलखंड पर ट्रैक क्षमता बढ़ाने का काम शुरू हो गया है। सीतापुर से बुढ़वल के बीच तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। रेलवे के मुताबिक तीसरी लाइन का निर्माण तेज गति से आगे बढ़ रहा है, जबकि चौथी लाइन के लिए सर्वे के साथ निर्माण प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गोंडा कचहरी-बुढ़वल के बीच बनेगी चौथी लाइन
लखनऊ मंडल में गोंडा कचहरी से बुढ़वल के बीच 55.75 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर पूर्वोत्तर रेलवे की पहली चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश के बाद रेलवे प्रशासन ने इसका सर्वे पूरा कर लिया है। इस परियोजना के तहत चौका घाट-घाघरा घाट के बीच सरयू नदी (घाघरा) पर करीब 1,037 मीटर लंबा रेल पुल बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। रेलवे बोर्ड ने इस चौथी रेल लाइन परियोजना के लिए 796.30 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
डोमिनगढ़-खलीलाबाद के बीच भी चौथी लाइन
रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए डोमिनगढ़ से खलीलाबाद के बीच करीब 30 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन के सर्वे को भी रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दी है। वहीं मनकापुर से खलीलाबाद तक 88 किलोमीटर के रेलखंड पर तीसरी लाइन के साथ चौथी लाइन बिछाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
बाराबंकी से छपरा तक बढ़ेगी ट्रैक क्षमता
गोरखपुर के रास्ते बाराबंकी से छपरा तक करीब 425 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग का दोहरीकरण पूरा हो चुका है। अब भविष्य में इस रूट पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे बाराबंकी, गोंडा, गोरखपुर, भटनी और छपरा जैसे महत्वपूर्ण रेल रूटों पर ट्रेनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
देश के हाई डेंसिटी कॉरिडोर को फोर-लेन बनाने की तैयारी
रेल मंत्रालय देश के हाई डेंसिटी रेल कॉरिडोर की ट्रैक क्षमता को बड़े स्तर पर बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। सात प्रमुख हाई डेंसिटी रेल कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से चार लाइन वाले रेल नेटवर्क में विकसित करने की तैयारी है। इन प्रमुख कॉरिडोर में दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-गुवाहाटी जैसे व्यस्त रेल मार्ग शामिल हैं। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के हाई डेंसिटी नेटवर्क पर भी तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का काम तेज किया जा रहा है।
सीतापुर-बुढ़वल तीसरी-चौथी लाइन स्वीकृत
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार के मुताबिक, सीतापुर से बुढ़वल के बीच तीसरी और चौथी लाइन का काम स्वीकृत हो चुका है। वहीं बुढ़वल से गोंडा के बीच तीसरी लाइन पहले ही कमीशन हो चुकी है, जबकि बाकी हिस्से के लिए सर्वे का काम चल रहा है। नई रेल लाइनों के निर्माण से हाई डेंसिटी नेटवर्क पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, संचालन में समयबद्धता लाने और भविष्य की यातायात जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।