PoK Protest News: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बीच पाकिस्तान सरकार पर मीडिया की आवाज दबाने के आरोप लग रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कई स्थानीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ Al Jazeera English जैसी अंतरराष्ट्रीय समाचार वेबसाइट भी पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इन प्रतिबंधों को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
PoK की खबरों पर बढ़ी सख्ती
रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन वेबसाइटों की पहुंच प्रभावित हुई है, वे हाल के दिनों में PoK में चल रहे विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और स्थानीय लोगों की शिकायतों को प्रमुखता से प्रकाशित कर रही थीं। इससे पहले भी पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, उनकी पार्टी और सरकार की आलोचना करने वाले कई पत्रकारों व यूट्यूब चैनलों पर कार्रवाई की जा चुकी है। Al Jazeera की एक रिपोर्ट के अनुसार, 27 कंटेंट क्रिएटर्स को भी नोटिस भेजे गए थे।
80 मौतों का दावा
ह्यूमन राइट्स काउंसिल ऑफ पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (HRC-PoJK) के दावों के मुताबिक, PoK में अब तक 80 लोगों की मौत हुई है। इनमें 27 जुलाई से पहले 33 नागरिक, 27 जुलाई के बाद रावलकोट, मीरपुर और मुजफ्फराबाद में 43 लोगों तथा 4 पुलिसकर्मियों की मौत शामिल बताई गई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी का आरोप
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसमें सुरक्षाबलों के साथ मौजूद सादे कपड़ों में एक व्यक्ति प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता दिखाई दे रहा है। समिति ने आरोप लगाया कि निहत्थे नागरिकों के साथ मारपीट की गई और उन्हें सड़कों पर घसीटा गया। इन आरोपों पर भी पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता
PoK में जारी घटनाक्रम, मीडिया वेबसाइटों के कथित ब्लॉक होने और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, इन दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। पाकिस्तान सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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Written by Shailesh Yadav