UP RERA Real Estate Projects: उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर में आने वाले दिनों में गतिविधियां बढ़ सकती हैं। UP RERA ने राज्य के छह प्रमुख जिलों में 13 रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट्स में कुल करीब ₹2,380.04 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र में 4,724 नई यूनिट्स तैयार होने की उम्मीद है।
जिन जिलों में इन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, उनमें बाराबंकी, लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और आगरा शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए अलग-अलग शहरों में नए घरों के साथ कमर्शियल स्पेस भी विकसित किए जाएंगे।
बाराबंकी में ₹751 करोड़ से ज्यादा का निवेश
निवेश के लिहाज से बाराबंकी इस सूची में सबसे आगे है। यहां दो आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स में करीब ₹751.42 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और कुल 591 आवासीय यूनिट्स विकसित की जाएंगी।वहीं, लखनऊ में एक आवासीय परियोजना को मंजूरी मिली है। करीब ₹385.76 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 1,392 यूनिट्स तैयार की जाएंगी। यूनिट्स की संख्या के लिहाज से यह छह जिलों में सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल है।
वाराणसी में 1,189 यूनिट्स होंगी तैयार
वाराणसी में भी रियल एस्टेट गतिविधियों को बढ़ावा मिलने वाला है। यहां तीन आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन पर करीब ₹750.24 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। तीनों प्रोजेक्ट्स में कुल 1,189 यूनिट्स विकसित की जाएंगी।गाजियाबाद में भी तीन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें दो कमर्शियल और एक आवासीय प्रोजेक्ट शामिल है। करीब ₹286.27 करोड़ के निवेश से यहां कुल 864 यूनिट्स तैयार की जाएंगी।
नोएडा समेत गौतम बुद्ध नगर में भी प्रोजेक्ट
गौतम बुद्ध नगर, जिसमें नोएडा भी शामिल है, में दो परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें एक आवासीय और एक कमर्शियल प्रोजेक्ट है। दोनों में करीब ₹186 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और कुल 564 यूनिट्स विकसित की जाएंगी।आगरा में दो आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इन पर करीब ₹20.35 करोड़ का निवेश होगा और कुल 124 यूनिट्स तैयार की जाएंगी।
निर्माण के साथ इन कारोबारों को भी मिल सकता है फायदा
UP RERA के मुताबिक, इन परियोजनाओं के चलते निर्माण गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। इसका असर निर्माण सामग्री, सीमेंट, स्टील, ट्रांसपोर्ट और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा प्रोजेक्ट्स के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।प्राधिकरण का कहना है कि परियोजनाओं का विकास तय नियमों और निर्धारित समयसीमा के तहत पारदर्शी तरीके से हो, यह उसकी प्राथमिकता है। इन मंजूरियों से संबंधित शहरों में आवासीय और व्यावसायिक सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।