टेक
स्क्रीनशॉट अब सिर्फ तस्वीर नहीं... एआई के लिए बन रहे हैं अहम डेटा
एआई मॉडल अब सिर्फ टेक्स्ट नहीं पढ़ रहे हैं। ये आपके डिवाइस में स्टोर स्क्रीनशॉट को भी पढ़-समझ रहे हैं और इससे प्राइवेसी को लेकर नया खतरा पैदा हो गया है।
मोबाइल, लैपटॉप और डेस्कटॉप में सेव स्क्रीनशॉट आज लगभग हर व्यक्ति की डिजिटल आदत का हिस्सा हैं। कभी किसी रेसिपी को याद रखने के लिए, कभी पसंदीदा ड्रेस या जूते देखने के लिए, तो कभी किसी सोशल मीडिया पोस्ट को बाद में पढ़ने के इरादे से स्क्रीनशॉट लिया जाता है। समय बीतने के साथ इनमें से अधिकतर तस्वीरें भुला दी जाती हैं, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इन्हें अब केवल इमेज नहीं मान रहा। नई पीढ़ी के एआई सिस्टम इन स्क्रीनशॉट में मौजूद जानकारी को पहचानने, व्यवस्थित करने और जरूरत पड़ने पर उसके आधार पर काम करने की क्षमता विकसित कर रहे हैं।
स्क्रीनशॉट से कैसे काम ले रहे हैं एआई सिस्टम?
दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां ऐसे एआई मॉडल तैयार कर रही हैं जो कंप्यूटर स्क्रीन को इंसानों की तरह समझ सकें। OpenAI का Computer-Using Agent (CUA), Anthropic का Computer Use और Google का ScreenAI स्क्रीन पर मौजूद इंटरफेस, बटन, टेक्स्ट और अन्य विजुअल जानकारी को समझकर टास्क पूरा करने में सक्षम हैं। दूसरी ओर, Microsoft का Recall फीचर समय-समय पर स्क्रीन की झलक सुरक्षित करता है, जबकि OnePlus और OPPO का MindSpace स्क्रीनशॉट को ऐसी एआई मेमोरी में बदलने की कोशिश करता है, जिसे बाद में आसानी से खोजा जा सके। इससे साफ है कि एआई अब सिर्फ लिखे हुए शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी स्क्रीन को देखकर भी निर्णय ले सकता है।
स्क्रीन को समझना क्यों जरूरी हो गया?
अब तक अधिकांश सॉफ्टवेयर आपस में संवाद करने के लिए API (Application Programming Interface) का इस्तेमाल करते रहे हैं। हालांकि, कई पुराने सॉफ्टवेयर, एंटरप्राइज सिस्टम और सरकारी पोर्टल आज भी आधुनिक API से लैस नहीं हैं। ऐसे में एआई के लिए सीधे स्क्रीन देखकर जानकारी समझना ज्यादा उपयोगी साबित हो रहा है। स्क्रीन पर दिखाई देने वाले विकल्पों, फॉर्म, कीमत, तारीख, लोकेशन और अन्य विजुअल एलिमेंट्स को पहचानकर एआई बिना API के भी कई काम कर सकता है।
प्राइवेसी पर बढ़ रही चिंता
स्क्रीन को समझने की बढ़ती क्षमता के साथ गोपनीयता से जुड़े जोखिम भी बढ़ रहे हैं। किसी भी स्क्रीन पर बैंकिंग जानकारी, मेडिकल रिकॉर्ड, निजी चैट, ईमेल, ऑफिस के दस्तावेज, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील डेटा दिखाई दे सकता है। यदि एआई सिस्टम को ऐसे कंटेंट तक पहुंच मिलती है, तो निजी जानकारी के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि एआई आधारित सुविधाओं का इस्तेमाल करते समय यूजर्स को अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स और डेटा शेयरिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।