US-Iran War: आने वाले कुछ दिन मिडिल ईस्ट के लिए बेहद संवेदनशील होने वाला है। दरअसल बीते कुछ दिनों से ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई लगातार अमेरिका और ट्रंप के खिलाफ तीखा बयान दे रहे है। जिसने यह तो साफ कर दिया है कि ट्रंप के आगे ईरान बिल्कुल भी झुकने के लिए तैयार नहीं है।
तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक खमेनेई ने ईरानी सशस्त्र बलों के वरिष्ठ कमांडरों को आदेश दिया कि वे दुश्मन की किसी भी तरह की संभावित धमकी का, चाहे वह किसी भी स्तर की हो, बिना किसी भौगोलिक सीमा के तुरंत और प्रभावी जवाब देना सुनिश्चित करें। अब सवाल यह है कि क्या मिडिल ईस्ट में महायुद्ध शुरू होने वाला है। आईए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
युद्ध का मैदान बनेगा मिडिल ईस्ट
बैठक में, अयातुल्ला होसैनी खमेनेई ने "दुश्मनों के साथ जोरदार मुकाबले के लिए समझदारी भरी युद्ध-तैयारी" को "अधिकतम प्रतिरोध" (मैक्सिमम डिटेरेंस) की एक शर्त बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर या प्रकार के खतरे का सामना बिना किसी भौगोलिक सीमा के, तुरंत और प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए।
नेता ने कहा कि अगर दुश्मन फिर से कोई सैन्य या आतंकवादी हमला करते हैं, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सशस्त्र बल और ईरानी राष्ट्र ही यह तय करेंगे कि इन हमलों को कब और किन शर्तों पर खत्म करना है। इशारों ही इशारों में ईरान ने साफ तौर पर अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप को खुली चुनौती दे दी है।
अमेरिका के खिलाफ ईरान की तैयारी पूरी
आयातुल्ला सैयद मुजतबा हुसैनी खमेनेई ने अब तक किए गए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों से कहा कि वे सभी सैन्य बलों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और बसीज बलों, साथ ही इन संगठनों और रक्षा मंत्रालय के कर्मियों और उनके सम्मानित परिवारों तक उनका आभार और संतोष पहुँचा दें।
इसके साथ ही हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी। जिसने एक बार फिर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। सवाल यह भी क्या ईरान की धमकी के बाद बातचीत का कोई रास्ता निकलेगा या फिर अमेरिका ईरान पर ताबड़तोड़ हमला कर सकता है।\
अगर यह युद्ध एक बार फिर शुरू हो जाता है तो दुनिया में कई तरह के संकट गहरा सकते है। आर्थिक संकट से लेकर राजनितिक संकट तक दुनियाभर में एक बार फिर त्राहि मचने की संभावना है।
यह भी पढ़े - Pakistan: शहबाज सरकार के खिलाफ आवाम ने खोला मोर्चा, एक वक्त की रोटी के लिए तड़प रही जनता