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भाषा बदलते ही बदल जाता है Claude AI का जवाब देने का तरीका, एंथ्रोपिक की रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
एंथ्रोपिक की स्टडी में सामने आया है कि उसका Claude मॉडल हिंदी में पूछे गए सवालों के जवाब देते समय विनम्र और सभ्य भाषा का इस्तेमाल करता है, जबकि इंग्लिश में ऐसा नहीं है ।
अगर एक ही सवाल Claude AI से हिंदी और अंग्रेजी में पूछा जाए, तो दोनों भाषाओं में मिलने वाले जवाब सिर्फ शब्दों के स्तर पर ही अलग नहीं होते, बल्कि उनका अंदाज और व्यवहार भी बदल जाता है। एआई कंपनी एंथ्रोपिक की हालिया रिसर्च में पता चला है कि भाषा बदलने के साथ Claude का संवाद करने का तरीका भी बदल जाता है। रिसर्च के मुताबिक, हिंदी में पूछे गए सवालों का जवाब Claude अधिक दोस्ताना, विनम्र और उत्साह बढ़ाने वाले अंदाज में देता है। वहीं, अंग्रेजी में वही मॉडल ज्यादा विश्लेषणात्मक, संतुलित और तथ्य-आधारित प्रतिक्रिया देने की कोशिश करता है।
20 भाषाओं में 3 लाख से ज्यादा बातचीत का किया गया विश्लेषण
एंथ्रोपिक ने इस अध्ययन के दौरान Claude के Sonnet 4.6, Opus 4.6 और Opus 4.7 मॉडल्स का विश्लेषण किया। रिसर्च में 20 प्रमुख भाषाओं में हुई 3 लाख से ज्यादा बातचीत को शामिल किया गया। इनमें सलाह, राय और फीडबैक जैसे ऐसे प्रश्न थे, जिनके कई संभावित उत्तर हो सकते हैं। अध्ययन का उद्देश्य यह समझना था कि अलग-अलग भाषाओं में Claude अपने यूजर्स के साथ किस तरह संवाद करता है।
हिंदी और अरबी में सबसे ज्यादा गर्मजोशी से जवाब देता है Claude
रिसर्च के नतीजों से पता चला कि हिंदी और अरबी में Claude सबसे अधिक गर्मजोशी और सकारात्मकता के साथ जवाब देता है। हिंदी में इसके उत्तर विनम्र, हल्के-फुल्के और प्रेरणादायक होते हैं। कई बार यह बिना किसी अतिरिक्त निर्देश के भी यूजर का मनोबल बढ़ाने, उसकी भावनाओं के अनुरूप प्रतिक्रिया देने और बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश करता है।
भाषाई अंतर की वजह तलाशने में जुटी एंथ्रोपिक
इसके विपरीत, अंग्रेजी में Claude अधिक सावधानी से जवाब देता है। इसके उत्तर अपेक्षाकृत गहरे विश्लेषण वाले होते हैं, जिनमें यह तर्कों की जांच करता है, धारणाओं को चुनौती देता है और जहां जरूरत महसूस होती है, वहां अपने उत्तर को खुद ही बेहतर बनाने का प्रयास करता है। अंग्रेजी में यह अपने जवाबों को अधिक प्रमाण और तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने पर भी जोर देता है।
भाषा के अनुसार AI का व्यवहार क्यों बदलता है, इसकी जांच जारी
एंथ्रोपिक का कहना है कि अलग-अलग भाषाओं में इस तरह के व्यवहारिक अंतर के पीछे के कारणों की अभी जांच की जा रही है। कंपनी का मानना है कि इस अध्ययन से भविष्य में ऐसे एआई सिस्टम विकसित करने में मदद मिलेगी, जो विभिन्न भाषाओं और सांस्कृतिक संदर्भों को बेहतर ढंग से समझकर अधिक प्रभावी संवाद कर सकें।
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