सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी और उत्तर प्रदेश की अयोध्या के बीच सफर करने वाले लोगों और श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। मां सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी को भगवान राम की नगरी अयोध्या से जोड़ने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है। इस प्रस्ताव को रेल मंत्रालय की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। अब मंत्रालय इस रूट की व्यवहारिकता का अध्ययन करेगा। प्रस्तावित ट्रेन के शुरू होने से करीब 435 किलोमीटर का सफर 6 से 7 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।

सीतामढ़ी से अयोध्या तक इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन

प्रस्ताव के मुताबिक, वंदे भारत एक्सप्रेस सीतामढ़ी जंक्शन से रवाना होकर रक्सौल, सुगौली, नरकटियागंज और गोरखपुर होते हुए अयोध्या धाम पहुंचेगी। इस ट्रेन के संचालन से बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही पुनौरा धाम और अयोध्या धाम के बीच यात्रा करना भी आसान हो जाएगा।

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नीतीश कुमार और संजय झा ने उठाई थी मांग

सीतामढ़ी-अयोध्या वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग पहले भी उठाई जा चुकी है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। वहीं, राज्यसभा सांसद संजय झा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने भी इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा था। अब रेल मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आगे की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं।

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जानकी मंदिर के उद्घाटन के मौके पर शुरू हो सकती है ट्रेन

सीतामढ़ी में मां जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने और उद्घाटन-प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर इस वंदे भारत ट्रेन को शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक ट्रेन के संचालन की तारीख, किराया और आधिकारिक समय-सारणी की घोषणा नहीं हुई है।

राम-जानकी मार्ग से भी बेहतर होगी कनेक्टिविटी

रेल कनेक्टिविटी के साथ-साथ सरकार राम-जानकी मार्ग को फोरलेन बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इससे सीतामढ़ी और अयोध्या के बीच सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों को भी सुविधा मिलेगी। वंदे भारत ट्रेन शुरू होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

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Reported By: सतीश कुमार झा