नई दिल्ली: दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। गुरुवार को कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,610 अंकों की छलांग लगाकर मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं, निफ्टी में भी 1.74 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों के चेहरे खिल उठे और दलाल स्ट्रीट पर दिवाली जैसा माहौल बन गया।

इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को एक अहम वजह माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से भारतीय बाजार को राहत मिली है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट से देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद रहती है।

कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को राहत

कच्चे तेल की कीमतों में कमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अहम मानी जाती है। तेल सस्ता होने से परिवहन और उत्पादन लागत पर दबाव कम हो सकता है। इसके अलावा महंगाई को नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट को घरेलू शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें: Diwali 2026: दिवाली से पहले महंगाई का झटका, मिठाइयों से लेकर घरेलू सामान तक बढ़े दाम; बिगड़ सकता है आम आदमी का बजट

निवेशकों के लिए दिवाली जैसा माहौल

सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेज बढ़त ने बाजार में सकारात्मक माहौल बना दिया। शेयर बाजार में तेजी का सीधा असर निवेशकों के पोर्टफोलियो पर भी पड़ता है। हालांकि, बाजार में लगातार तेजी बने रहने की कोई गारंटी नहीं होती। निवेशकों को किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की स्थिति, बाजार के रुझान और जोखिम का आकलन करना चाहिए।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक बाजारों का रुख, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल दिवाली से पहले शेयर बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें: Dhanteras 2026: 6 या 7 नवंबर कब मनाई जाएगी धनतेरस, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और खरीदारी का सही समय