अरुणाचल प्रदेश:अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपरपज प्रोजेक्ट (SUMP) को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। बांध विरोधी एक्टिविस्ट और पर्यावरण इंजीनियर काटोन मयोंग ने साफ कहा है कि सियांग नदी पर बांध बनाने का आदि समुदाय 47 वर्षों से विरोध कर रहा है और अब बातचीत का समय खत्म हो चुका है।

सियांग नदी पर बांध बना तो पूरे आदि समुदाय को खत्म करना होगा

अरुणाचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मयोंग ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार सियांग नदी की मुख्य धारा पर बांध बनाने के बजाय उसकी छोटी सहायक नदियों पर परियोजनाएं बना सकती है। उन्होंने कहा कि यदि सियांग नदी पर बांध बनाना है तो पूरे आदि समुदाय को खत्म करना होग,अन्यथा यह बांध नहीं बनने दिया जाएगा इस संदर्भ में मयोंग ने आरोप लगाया कि सरकार गांवों और समुदायों के बीच मतभेद पैदा करके परियोजना के लिए सहमति हासिल करने की कोशिश कर रही है।

SUMP विरोधी कार्यकर्ता कैटन मायोंग अपनी मांग पर अड़े 

इस संदर्भ में  मयोंग ने कहा कि किसी भी सामुदायिक संगठन को सरकार के साथ बातचीत करने से पहले संबंधित 60 गांवों की सहमति लेनी चाहिए। दरअसल, एक पर्यावरण इंजीनियर और सियांग ऊपरी बहुउद्देशीय परियोजना (SUMP) विरोधी कार्यकर्ता कैटन मायोंग अपनी मांग पर अड़े हुए हैं कि आदि समुदाय द्वारा पूजनीय घाटी में सियांग नदी पर कोई बांध नहीं बनाया जाना चाहिए। इसी को लेकर यह बात कही जा रही है। मयोंग ने  जोर देते हुए कहा कि बातचीत का समय खत्म हो गया है। अगर यहां बांध बनाया गया तो पूरे आदि समुदाय को "नष्ट" करना होगा। उन्होंने कहा कि सियांग घाटी में स्वदेशी समुदाय विकास के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने नदी की मुख्य धारा के बजाय उसकी सहायक नदियों पर बांध बनाने की अपील दोहराई।