Pralay Missile: भारत लगातार अपने हथियारों को नए आयाम पर पहुंचा रहा है, ताकि दुश्मन की एक हिमाकत और पूरा देश तबाह, हम बात कर रहे है कंगाल मुल्क पाकिस्तान की,रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने एक ऐसी विनाशकारी मिसाइल का सफर परीक्षण किया जिसकी खासियत जान चीन और पाकिस्तान के हाथ-पैर फूल जाएंगे।
खास बात यह है कि यह मिसाइल 150 से 500 किलोमीटर तक के लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी पूरी जानकारी।
DRDO ने इस विनाशकारी मिसाइल का किया सफल परीक्षण
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, DRDO ने ओडिशा तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से प्रलय मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। यह परीक्षण यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल के तहत किया गया था।
परीक्षण के दौरान इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR), चांदीपुर में तैनात विभिन्न रेंज इंस्ट्रूमेंट्स ने मिसाइल के प्रदर्शन से जुड़े आंकड़े रिकॉर्ड किए। इन आंकड़ों के आधार पर रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि परीक्षण के सभी निर्धारित उद्देश्य सफलतापूर्वक पूरे हुए हैं।
कितनी खतरनाक है भारत की Pralay Missile
बता दें कि प्रलय पूरी तरह से स्वदेशी मिसाइल है, जो सतह से सतह पर मार करने वाली क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता और उड़ान के दौरान रास्ता बदलने की क्षमता है। इसकी मारक क्षमता 150 से 500 किलोमीटर की है। यानि एक बार में आधे से ज्यादा पाकिस्तान तबाह हो सकता है।
क्या है प्रलय मिसाइल की खासियत?
अगर इस मिसाइल की खासियत बताए तो -
मारक क्षमता: लगभग 150 से 500 किलोमीटर तक।
पेलोड क्षमता: 500 से 1,000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम।
ईंधन तकनीक: इसमें सॉलिड प्रोपेलेंट यानी ठोस ईंधन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
सटीक निशाना: आधुनिक गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम से लैस है।
वॉरहेड: अलग-अलग प्रकार के पारंपरिक वॉरहेड ले जाने की क्षमता।
उड़ान क्षमता: उड़ान के दौरान अपनी दिशा और रास्ते में बदलाव कर सकती है।
इन खूबियों के कारण प्रलय को भारत की सामरिक और पारंपरिक सैन्य क्षमता के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार माना जा रहा है।
गौरतलब है कि यह विनाशकारी के साथ-साथ स्वदेशी मिसाइल भी है। इसके अलावा इसकी लागत भी काफी कम है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में भारत ये दूसरे देश को भी बेच सकता है। कुल मिलाकर, प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण भारत के स्वदेशी रक्षा अनुसंधान और सैन्य आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम उपलब्धि है।
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