AUTO NEWS: गाड़ियों के शौकिनों की जुबान पर इस समय एक ही नाम सबसे पहले आता है, टेस्ला। क्योंकि हाल ही में टेस्ला ने अपनी उड़ने वाली इलेक्ट्रिक कार लॉन्च की थी जिसके बाद टेस्ला का नाम हर तरफ सुर्खियां बटोर रहा है। लेकिन जरा ठहरिए, अगर हम आपको कहें की विश्व के कार बाजार में इस बार सबसे ज्यादा धूम टेस्ला ने नहीं बल्कि दूसरे ब्रांड की कंपनी ने मचा रखी है।
जी हां सहीं सुना आपने, अब आपके भी जहन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर टेस्ला को कौन टक्कर दे सकता है। तो यहां आपको बता दें कि कार बाजार में इस साल सबसे ज्यादा धूम Toyota ने मचा रखी है। क्यों हो गए न आप भी हैरान। तो आज हम आपको खबर के माध्यम से यही बताने वाले हैं। क्यों और कैसे Tyota दुनिया में सबसे बड़ा कार ब्रांड बन चुका है।
Toyota कैसे बना दुनिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी
Toyota Group ने वर्ष 2025 में दुनियाभर में लगभग 1.13 करोड़ वाहन बेचे। इसमें Toyota और Lexus के अलावा Daihatsu और Hino की बिक्री भी शामिल है। कंपनी की बिक्री में पिछले वर्ष के मुकाबले 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। और बात करें Toyota और Lexus ब्रांड की संयुक्त बिक्री को लेकर तो इसकी बिक्री तकरीबन 1.05 करोड़ रही। इस प्रदर्शन के साथ कंपनी ने लगातार छठे साल दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी का स्थान बरकरार रखा।
बिक्री के मामले में Tesla को पीछे छोड़ा
ऑटोमोबाइल बाजार में Toyota ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित की है। दुनिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनियों में शामिल Toyota ने 2025 की वैश्विक बिक्री के आंकड़ों में पहला स्थान बरकरार रखा है। कंपनी ने बिक्री के मामले में Tesla को काफी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, दोनों कंपनियों के बीच मुकाबला केवल बिक्री का नहीं, बल्कि तकनीक, डिजाइन और भविष्य की कारों को लेकर भी है।
Toyota और Lexus के अलावा Daihatsu और Hino की बिक्री भी शामिल
हाल ही में आई ग्लोबल ब्रांड वैल्यू रिपोर्ट के मुताबिक जापानी कंपनी टोयोटा ने टेस्ला को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे बड़ी और ब्रांड वैल्यू का खिताब अपने नाम दर्ज कर लिया है। इस खबर के सामने आने के बाद सभी को हैरानी भी बहुत ज्यादा है, क्योंकि पिछले साल टेस्ला का दबदबा गाड़ी बाजार में सबसे ज्यादा देखने को मिला था। Toyota Group ने साल 2025 में विश्वभर में तकरीबन 1.13 करोड़ वाहन बेचे।
इसमें Toyota और Lexus के अलावा Daihatsu और Hino की बिक्री भी शामिल है। कंपनी की बिक्री में पिछले वर्ष के मुकाबले 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, Toyota और Lexus ब्रांड की संयुक्त बिक्री लगभग 1.05 करोड़ रही। इस प्रदर्शन के साथ कंपनी ने लगातार 6वें साल दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी का स्थान बरकरार रखा।
Tesla से कितनी आगे Toyota?
अगर बात करें हम इलेक्ट्रिक कार बाजार में Tesla की तो इस समय यह एक बड़ा नाम है। लेकिन बात जब वाहन बिक्री की संख्या को लेकर आती है, तो वहां पर Toyota काफी आगे चल रहा है।
2025 के बिक्री आंकड़ों पर एक नजर
Toyota Group: लगभग 1.13 करोड़ वाहन।
Toyota और Lexus: लगभग 1.05 करोड़ वाहन।
Tesla: लगभग 16.36 लाख वाहन।
इन आंकड़ों से साफ है कि कुल वाहन बिक्री में Toyota का बाजार काफी बड़ा है। हालांकि, Tesla और Toyota के कारोबार की तुलना करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि Tesla मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक कारों पर केंद्रित है, जबकि Toyota पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री करती है।
Toyota की कारों में फीचर्स
Toyota अपनी कारों में आराम, सुरक्षा और बेहतर माइलेज पर खास ध्यान देती है। कंपनी के अलग-अलग मॉडल में कई आधुनिक सुविधाएं मिलती हैं। इसके साथ ही एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम। टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, हाइब्रिड इंजन टेक्नोलॉजी, बेहतर सेफ्टी फीचर्स, प्रीमियम इंटीरियर और आरामदायक सीटें उपलब्ध कराती है। हालांकि फीचर्स, मॉडल और वेरिएंट सभी गाड़ियों का कंपनी ही तय करती है।
डिजाइन के मामले में Toyota और Tesla में क्या अंतर?
Toyota की कारों में पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन का मिश्रण देखने को मिलता है। कंपनी की SUVs में मजबूत बॉडी, आकर्षक फ्रंट ग्रिल और प्रीमियम लुक पर जोर दिया जाता है। दूसरी तरफ Tesla अपनी इलेक्ट्रिक कारों में मिनिमलिस्ट डिजाइन, बड़े टचस्क्रीन डिस्प्ले और सॉफ्टवेयर आधारित सुविधाओं के लिए जानी जाती है। इसलिए दोनों कंपनियों की डिजाइन फिलॉसफी अलग है। किसका डिजाइन बेहतर है, यह ग्राहकों की पसंद पर निर्भर करता है।
हाइब्रिड कारों में Toyota की मजबूत पकड़
Toyota की वैश्विक सफलता में हाइब्रिड कारों की बड़ी भूमिका रही है। कंपनी ने पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर के संयोजन वाली तकनीक पर लंबे समय से काम किया है। 2025 में Toyota की पैरेंट कंपनी की कुल बिक्री में हाइब्रिड वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 42 प्रतिशत रही। इसके मुकाबले बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 1.9 प्रतिशत थी।
क्या Toyota और Tesla की असली टक्कर इलेक्ट्रिक कारों में होगी?
ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है। Tesla इस क्षेत्र में अपनी तकनीक और इलेक्ट्रिक कारों के लिए पहचान रखती है, जबकि Toyota हाइब्रिड तकनीक के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी निवेश कर रही है। आने वाले समय में दोनों कंपनियों के बीच मुकाबला बैटरी टेक्नोलॉजी, ड्राइविंग रेंज, चार्जिंग नेटवर्क, कीमत और सॉफ्टवेयर सुविधाओं के आधार पर भी देखा जाएगा।
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