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रामलीला के राम-हनुमान को अखिलेश यादव का सम्मान, 51-51 हजार देकर कही बड़ी बात
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोमवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम में भगवान राम और हनुमान का रूप धारण किए हुए कलाकार पहुंचे।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोमवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम में भगवान राम और हनुमान का रूप धारण किए हुए कलाकार पहुंचे। इस मौके पर अखिलेश यादव ने सपा विधायकों और पार्टी नेताओं के साथ मिलकर दोनों कलाकारों को 51-51 हजार रुपये की राशि भेंट की।
इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि यह चढ़ावा चोरी नहीं होगा। उनके इस बयान को राजनीतिक तौर पर भी देखा जा रहा है,क्योंकि उन्होंने इसी मौके पर प्रदेश की भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
सरकारी स्कूलों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में सरकारी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी प्राथमिक स्कूलों को योजनाबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है,जिसका सबसे ज्यादा असर गरीब,पिछड़े,दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों पर पड़ रहा है।
सपा प्रमुख ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश में 1 लाख 13 हजार 938 सरकारी प्राथमिक स्कूल थे। उनके अनुसार,भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक करीब 26 हजार सरकारी स्कूल बंद किए जा चुके हैं।
कई जिलों में बंद हुए बड़ी संख्या में स्कूल
अखिलेश यादव ने बताया कि सरकारी स्कूलों के बंद होने का असर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिला है। उनके अनुसार,लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक लगभग 758 प्राथमिक स्कूल बंद हुए हैं। इसके बाद सीतापुर में 650,प्रयागराज में 638 और गोरखपुर में करीब 500 स्कूल बंद होने का दावा किया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की संख्या कम होने से ग्रामीण और कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है।
बच्चों और शिक्षकों की संख्या में गिरावट का दावा
सपा अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2017 तक प्रदेश के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में करीब 1 करोड़ 17 लाख बच्चे पढ़ रहे थे, जबकि अब यह संख्या घटकर लगभग 89 लाख रह गई है। उन्होंने दावा किया कि इस कमी में बड़ी संख्या पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बच्चों की है।
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उन्होंने शिक्षकों की संख्या को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव के अनुसार, 2017 में सरकारी प्राथमिक स्कूलों में करीब चार लाख शिक्षक कार्यरत थे, जो अब घटकर लगभग 3 लाख 40 हजार रह गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों शिक्षक पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार भर्ती नहीं कर रही है।
बेटियों की शिक्षा और स्कूल सुविधाओं पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब होने का सीधा असर बेटियों की शिक्षा पर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि मार्च 2017 में सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों की संख्या 61.57 लाख थी, जो अब घटकर करीब 45 लाख रह गई है। उन्होंने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। अखिलेश यादव ने कहा कि हजारों सरकारी स्कूलों में अभी भी बिजली, शौचालय, पेयजल और कंप्यूटर शिक्षा जैसी सुविधाओं की कमी है।
विधानसभा में मुद्दा उठाने की तैयारी
सपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र में जोर-शोर से उठाएगी। उन्होंने कहा कि सपा के सभी विधायक सरकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को सदन में रखेंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे। अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया आना बाकी है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस लगातार जारी है।
Written By: Geeta Sharma
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