गांधीनगर: केंद्र सरकार की AMRUT 2.0 योजना के तहत देश में शहरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस योजना के अंतर्गत 4,832 करोड़ रुपये की लागत वाले 497 कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा 2.72 लाख से अधिक नए घरेलू नल कनेक्शन और 1.03 लाख से ज्यादा सीवर कनेक्शन जोड़े गए हैं। इस योजना का उद्देश्य शहरों में लोगों को स्वच्छ पेयजल, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और आधुनिक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। 

AMRUT 2.0 योजना का उद्देश्य शहरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना

इस योजना के तहत नए नल कनेक्शन से अधिक परिवारों तक पानी की सुविधा पहुंच रही है। जबकि सीवर कनेक्शन बढ़ने से स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल रही है। AMRUT 2.0 के माध्यम से शहरी जीवन स्तर को बेहतर बनाने और शहरों के विकास को गति देने पर जोर दिया जा रहा है। इस संदर्भ में गुजरात सरकार ने पूरे भारत में शहरों को मॉडर्न बनाने, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और नागरिकों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर बनाने के लिए कई पहल की हैं। गुजरात सरकार ने गुरुवार तक AMRUT 2.0 (अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0) के तहत 4,832 करोड़ के 497 काम पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में, यह मिशन पूरे गुजरात में पानी की सप्लाई और अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने, झीलों को फिर से जीवंत करने, पार्क और गार्डन बनाने के प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट कर रहा है।

AMRUT मिशन ने शहरी नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

दरअसल, 1 अक्टूबर, 2021 को, भारत सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने इस विजन को आगे बढ़ाने के लिए AMRUT 2.0 लॉन्च किया। इस मिशन का उद्देश्य सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले घरों में नल के पानी के कनेक्शन देना और 31 AMRUT शहरों में घरों तक सीवरेज और सेप्टेज कनेक्शन पहुंचाना है। यह जल निकायों और कुओं के कायाकल्प, जल सुरक्षा को मजबूत करने, शहरी नियोजन में सुधार और वित्तीय संसाधनों को जुटाने पर भी ध्यान केंद्रित करता है। AMRUT मिशन ने शहरी नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण जल आपूर्ति और सीवरेज सुविधाओं तक पहुँच में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।