उत्तर प्रदेश: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित तौर पर सिखों को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के कथित बयान को लेकर उनके खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी। इस फैसले से राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग को अदालत से मंजूरी नहीं मिली।

BNSS की धारा 528 के तहत दायर की गई याचिका

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को सिख समुदाय पर उनकी कथित विवादास्पद टिप्पणी को लेकर लोकसभा नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की एकल-न्यायाधीश पीठ ने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने वाली नागेश्वर मिश्रा और अन्य द्वारा दायर याचिका पर फैसला सुनाया। यह याचिका भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत दायर की गई थी। 

मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद कोर्ट ने याचिका की खारिज

दरअसल, वाराणसी की एक अदालत द्वारा FIR दर्ज करने की मांग थी। जिसके बाद 28 नवंबर, 2024 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM-द्वितीय) ने मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि कथित टिप्पणी संयुक्त राज्य अमेरिका में की गई थी और अदालत के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर थी। उनकी अर्जी खारिज होने के बाद याचिकाकर्ताओं ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। जिसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2026 को मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता सत्येन्द्र कुमार त्रिपाठी ने किया, जबकि राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल उपस्थित हुए।