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36 रिजेक्शन के बाद मिला 30 लाख का पैकेज, दिल छू लेगी ये कहानी
Viral News: नौकरी की तलाश में लगातार रिजेक्शन मिलना किसी भी प्रोफेशनल के लिए निराशाजनक हो सकता है। लेकिन बेंगलुरु के एक फुल-स्टैक डेवलपर ने 36 रिजेक्शन और करीब 5 महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपनी मंजिल हासिल कर ली।
Viral News: नौकरी की तलाश में लगातार रिजेक्शन मिलना किसी भी प्रोफेशनल के लिए निराशाजनक हो सकता है। लेकिन बेंगलुरु के एक फुल-स्टैक डेवलपर ने 36 रिजेक्शन और करीब 5 महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपनी मंजिल हासिल कर ली। गंभीर स्वास्थ्य समस्या के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अब हैदराबाद की कंपनी AlgoLeap में SDE-3 के पद पर 30 लाख रुपये सालाना के पैकेज पर काम शुरू करने जा रहे हैं।
स्वास्थ्य कारणों से छोड़नी पड़ी पिछली नौकरी
डेवलपर ने Reddit पर अपनी जॉब सर्च की पूरी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि गंभीर साइटिका की समस्या के कारण उन्हें अपनी पिछली नौकरी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद उन्हें करीब पांच महीने तक नौकरी से दूर रहना पड़ा। इस ब्रेक को उन्होंने सिर्फ इंतजार में नहीं बिताया। Python, React और AWS जैसी टेक्नोलॉजी में अनुभव रखने वाले इस डेवलपर ने अपने स्किल सेट को और मजबूत किया। उन्होंने बाजार की बदलती मांग को देखते हुए Generative AI यानी GenAI से जुड़ी नई स्किल्स भी सीखीं।
36 रिजेक्शन और इंटरव्यू के कड़वे अनुभव
नई नौकरी की तलाश में उनका सफर आसान नहीं था। उन्हें कई कंपनियों में इंटरव्यू देने के बावजूद सफलता नहीं मिली। Wells Fargo में वह चौथे राउंड तक पहुंचे। हालांकि, हायरिंग मैनेजर के साथ बातचीत के बाद उन्होंने खुद उस अवसर को आगे न बढ़ाने का फैसला किया।
Deloitte USI में एक पद को अर्जेंट बताया गया था, लेकिन उनका आवेदन लंबे समय तक इन-प्रोसेस में ही अटका रहा। वहीं Fractal में उन्होंने लगभग सभी राउंड सफलतापूर्वक पार कर लिए थे। इसके बावजूद आखिरी क्लाइंट राउंड में Terraform और Kubernetes से जुड़े दो सवालों का जवाब नहीं दे पाने के कारण उन्हें रिजेक्शन का सामना करना पड़ा।
आखिरकार AlgoLeap से मिला बड़ा मौका
लगातार असफलताओं के बाद आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। हैदराबाद की कंपनी AlgoLeap ने उन्हें SDE-3 के पद पर 30 लाख रुपये सालाना का ऑफर दिया।हालांकि, इस नई नौकरी के साथ एक भावनात्मक चुनौती भी जुड़ी है। बेहतर करियर अवसर के लिए उन्हें अपना परिवार बेंगलुरु में छोड़कर अकेले हैदराबाद जाना होगा। उन्होंने इसे अपने सफर का हिस्सा माना है।
परिवार का सहारा बनना सबसे बड़ी राहत
डेवलपर ने अपनी पोस्ट में कहा कि भले ही नई नौकरी में सैलरी का हाइक बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन लंबे समय बाद अपने परिवार का आर्थिक सहारा बन पाना उनके लिए सबसे बड़ी राहत है। उनकी यह बात उन लोगों के लिए खास मायने रखती है, जो लंबे समय से नौकरी की तलाश में हैं और लगातार रिजेक्शन का सामना कर रहे हैं।
युवाओं के लिए खास संदेश
अपनी कहानी साझा करते हुए डेवलपर ने नौकरी तलाश रहे युवाओं को हार न मानने की सलाह दी। उनका कहना है कि लगातार प्रयास करते रहना चाहिए और हर इंटरव्यू में हुई गलती से कुछ नया सीखना चाहिए।
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उनकी कहानी यही दिखाती है कि 36 रिजेक्शन आपकी कहानी का अंत नहीं, बल्कि अगली सफलता से पहले का एक पड़ाव हो सकता है। लगातार सीखते रहना, अपनी स्किल्स को अपडेट करना और कोशिश जारी रखना ही लंबे संघर्ष के बाद सफलता की राह खोल सकता है।
Written By: Geeta Sharma
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