City of Bangles In Up: उत्तर प्रदेश का एक ऐसा शहर है, जिसकी पहचान देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक है। यहां बनने वाली रंग-बिरंगी कांच की चूड़ियां महिलाओं के श्रृंगार का हिस्सा बनने के साथ-साथ इस शहर की खास पहचान भी हैं। यही वजह है कि इस जिले को 'चूड़ी नगरी' और 'बैंगल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' के नाम से जाना जाता है।
कांच को खूबसूरत चूड़ी में बदलना आसान नहीं
एक कांच की चूड़ी तैयार होने के पीछे कारीगरों की कड़ी मेहनत और हुनर होता है। कांच को बेहद अधिक तापमान पर पिघलाया जाता है। इसके बाद उसे जरूरी आकार दिया जाता है और अलग-अलग रंगों व डिजाइन से सजाया जाता है। चूड़ी को अंतिम रूप देने तक कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इस दौरान कारीगरों की कुशलता सबसे अहम होती है। छोटी सी गलती भी पूरी चूड़ी को खराब कर सकती है।
कौन सा जिला है?
अगर आप सोच रहे हैं कि यूपी का कौन सा जिला चूड़ियों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, तो इसका जवाब फिरोजाबाद है, आगरा के नजदीक स्थित यह शहर लंबे समय से कांच उद्योग का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां कई पीढ़ियों से कारीगर कांच को खूबसूरत चूड़ियों का रूप देने का काम करते आ रहे हैं। फिरोजाबाद की चूड़ियों की पहचान सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इनकी मांग है और विदेशों में भी यहां बने कांच के उत्पाद पहुंचते हैं।
हर दिन तैयार होती हैं लाखों चूड़ियां
फिरोजाबाद में कांच की चूड़ियां बनाने वाले छोटे-बड़े कई कारखाने हैं। यहां बड़ी संख्या में कारीगर चूड़ियां तैयार करने के काम से जुड़े हैं। अलग-अलग रंग, डिजाइन और आकार की चूड़ियां तैयार कर उन्हें देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंचाया जाता है। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में इन चूड़ियों की मांग और बढ़ जाती है। तीज, करवा चौथ, ईद, दिवाली समेत कई मौकों पर फिरोजाबाद की चूड़ियां बाजारों में नजर आती हैं।
चूड़ियों के साथ कांच के दूसरे सामान भी होते हैं तैयार
फिरोजाबाद की पहचान केवल कांच की चूड़ियों तक सीमित नहीं है। यहां कांच से कई तरह के सजावटी और घरेलू सामान भी बनाए जाते हैं। इनमें गिलास, फूलदान, लैंप और अन्य सजावटी कांच के उत्पाद शामिल हैं। कांच उद्योग से शहर के बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। यही उद्योग फिरोजाबाद की अर्थव्यवस्था और पहचान का अहम हिस्सा है।
फिरोजाबाद की चूड़ियां पहुंचती हैं विदेशों तक
फिरोजाबाद में तैयार होने वाले कांच के उत्पादों की मांग भारतीय बाजारों के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी है। अलग-अलग रंगों और डिजाइनों वाली चूड़ियां लोगों को आकर्षित करती हैं। यही वजह है कि फिरोजाबाद को कांच और चूड़ी उद्योग के लिए देश-दुनिया में अलग पहचान मिली है।
भारतीय कारीगरी की खास पहचान है फिरोजाबाद
फिरोजाबाद की चूड़ियां सिर्फ श्रृंगार का सामान नहीं, बल्कि यहां के कारीगरों के हुनर और वर्षों पुरानी कारीगरी की कहानी भी बयां करती हैं। पीढ़ियों से चली आ रही यह कला आज भी शहर की पहचान बनी हुई है। इसलिए अगली बार जब आपके हाथों में कोई खूबसूरत रंग-बिरंगी कांच की चूड़ी नजर आए, तो हो सकता है उसकी चमक के पीछे फिरोजाबाद के किसी कारीगर की महीन कारीगरी छिपी हो।