Gen-Z Protest in UP: भारत में जेन-जी अलग-अलग मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहे हैं जो क्रिकेट तक पहुंच चुका है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम के अंदर जेन-जी खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों ने रविवार को बोर्ड के समक्ष एक बड़ी मांग रखी है और प्रदर्शन किया है।
दरअसल, खिलाड़ियों और अभिभावकों की मांग है कि प्रदेश के अंदर तीन अलग-अलग रणजी क्रिकेट टीमें बनाईं जाएं। उत्तर प्रदेश के युवा खिलाड़ियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश काफी बड़ा राज्य है और इसको ध्यान में रखते हुए तीन क्रिकेट संघ बने और तीनों टीमें रणजी ट्रॉफी में खेलें। इसी मुद्दे पर खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों ने इकाना स्टेडियम में जोरदार प्रदर्शन किया है।
क्रिकेट तक पहुंचा जेन-जी प्रोटेस्ट
उत्तर प्रदेश क्रिकेट प्लेयर संघ एवं क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पूर्वांचल की देखरेख वाले पूर्वांचल एवं मध्य उत्तर प्रदेश के जेन-जी क्रिकेटर्स और उनके अभिभावकों ने इकाना स्टेडियम के अंदर प्रोटेस्ट किया था। उनकी मांग थी कि राज्य के खिलाड़ियों को क्रिकेट में बराबर मौके देने के लिए तीन रणजी ट्रॉफी टीमें बनाईं जाएं।
वहीं, क्रिकेट प्लेयर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘’उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी यह बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यूपी जैसे बड़े राज्य में सभी खिलाड़ियों को उनका हक मिलना चाहिए और इसको ध्यान में रखते हुए रणजी ट्रॉफी में तीन टीमें बनाना चाहिए।
250 जेन-जी खिलाड़ियों ने किया था प्रदर्शन
बता दें कि, रविवार को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में तीन अलग-अलग टीमों की मांग करते हुए 250 जेन-जी खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों ने प्रदर्शन किया था। आपको बताते हैं कि यूपी की जनसंख्या फिलहाल 25 करोड़ के आस-पास है और इसको ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों की मांग की वाजिब है, क्योंकि इतनी बड़़ी आबादी में केवल 15 से 20 खिलाड़ियों को ही रणजी ट्रॉफी में खेलने का अवसर मिलता है, जबकि बाकी के प्लेयर्स को राज्य स्तर तक पहुंचने में कई वर्षो का सफर तय करना होता है।
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इन राज्यों की रणजी में हैं 3 टीमें
भविष्य में अगर उत्तर प्रदेश की तीन रणजी ट्रॉफी बनाई जाती हैं तो वह देश का तीसरा राज्य होगा। इससे पहले महाराष्ट्र की तीन टीमें (महाराष्ट्र, मुंबई और विदर्भ) रणजी ट्रॉफी में भाग लेती है तो गुजरात राज्य से (बड़ौदा, सौराष्ट्र और गुजरात) भारत की प्रतिष्ठित फर्स्ट क्लास प्रतियोगिता में खेलती दिखाई देती है।
बीसीसीआई द्वारा सालामा कार्यक्रम में इन राज्यों की तीनों टीमों को खेलने का अवसर मिलता है। जबकि भविष्य में यूपी की तीन टीमें भी बीसीसीआई के द्वारा आयोजित करवाई जाने वाले इवेंट में खेलती दिखाई दे सकती है। हालांकि, जेन-जी खिलाड़ियों की मांग पर अंतिम फैसला बीसीसीआई को लेना है कि वह इसको स्वीकार करती है या फिर यूपी की एक टीम के साथ बनी रहेगी।