अक्सर लोग थकान, कमजोरी, चक्कर आने या थोड़ी सी मेहनत के बाद सांस फूलने को सामान्य परेशानी मानकर छोड़ देते हैं। हालांकि, शरीर में होने वाले ऐसे बदलाव कई बार किसी पोषक तत्व की कमी की ओर इशारा कर सकते हैं। आयरन भी शरीर के लिए बेहद जरूरी खनिज है। इसकी कमी को लंबे समय तक नजरअंदाज करने पर स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आयरन की कमी बच्चों से लेकर वयस्कों तक किसी को भी प्रभावित कर सकती है। आइए जानते हैं कि शरीर में आयरन कम होने पर कौन सी बीमारी हो सकती है, इसके कारण और लक्षण क्या हैं।
आयरन की कमी से कौन सी बीमारी हो सकती है?
अगर शरीर में लंबे समय तक पर्याप्त आयरन मौजूद न हो, तो आयरन डेफिशियेंसी एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है। आयरन हीमोग्लोबिन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद एक प्रोटीन है, जिसका मुख्य काम फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न अंगों और ऊतकों तक पहुंचाना है। आयरन की कमी होने पर शरीर पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं और हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता। इसके कारण शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। यही स्थिति आगे चलकर आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया का कारण बन सकती है।
शरीर में आयरन कम होने की वजह क्या है?
आयरन की कमी के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। पर्याप्त आयरन वाली चीजें डाइट में शामिल न करना इसका एक प्रमुख कारण माना जाता है। कुछ जीवन अवस्थाओं में शरीर की आयरन की जरूरत सामान्य से अधिक हो जाती है। उदाहरण के लिए, बच्चों के विकास के दौरान, मासिक धर्म वाली महिलाओं, गर्भावस्था और स्तनपान के समय आयरन की आवश्यकता बढ़ सकती है।
आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं कुछ बीमारियां
इसके अलावा, कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भोजन से आयरन का अवशोषण ठीक तरह से नहीं हो पाता। सीलिएक डिजीज और इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज जैसी स्थितियां इसके पीछे हो सकती हैं। पेट की कुछ सर्जरी के बाद भी आयरन के अवशोषण पर असर पड़ सकता है।
अधिक ब्लीडिंग से भी शरीर में हो सकती है आयरन की कमी
शरीर से अधिक मात्रा में खून निकलना भी आयरन की कमी का कारण बन सकता है। ज्यादा रक्तस्राव वाले पीरियड्स, पेट या आंतों में ब्लीडिंग, बार-बार ब्लड डोनेट करना या सर्जरी के दौरान अधिक रक्त की हानि होने पर शरीर में आयरन का स्तर कम हो सकता है।
आयरन की कमी के क्या लक्षण होते हैं?
शुरुआती चरण में आयरन की कमी के लक्षण बहुत स्पष्ट नहीं होते। जैसे-जैसे कमी बढ़ती है, व्यक्ति को लगातार थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। सामान्य काम करने पर भी जल्दी थक जाना या सांस फूलना इसके संभावित संकेत हैं। इसके अलावा चक्कर आना, सिर में दर्द, एकाग्रता बनाए रखने में परेशानी और रोजमर्रा के कामों में प्रदर्शन कम होना भी आयरन की कमी से जुड़े लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों की त्वचा का रंग सामान्य से अधिक पीला दिखाई दे सकता है।
आयरन की कमी से दिख सकते हैं ये संकेत
आयरन की कमी बढ़ने पर बाल अधिक झड़ना, नाखूनों का कमजोर होकर आसानी से टूटना, हाथ-पैर ठंडे रहना या उनमें सुन्नपन महसूस होना जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। मुंह या जीभ से संबंधित कुछ समस्याएं भी इसके संकेत के तौर पर सामने आ सकती हैं।
आयरन की कमी का पता कैसे लगाया जाता है?
आयरन की कमी की पुष्टि के लिए डॉक्टर व्यक्ति के लक्षणों, खान-पान और मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इसके बाद स्थिति को समझने के लिए कुछ ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी जा सकती है। इन जांचों में सीबीसी (CBC), सीरम आयरन, टीआईबीसी (TIBC) और फेरिटिन जैसे टेस्ट शामिल हो सकते हैं। अगर जांच से आयरन की कमी सामने आती है, तो डॉक्टर इसके मूल कारण का पता लगाने के लिए आगे की जांच भी करा सकते हैं। खासतौर पर अगर शरीर में खून की कमी या पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या की आशंका हो, तो अतिरिक्त टेस्ट की जरूरत पड़ सकती है। लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने जैसे लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इनका कारण केवल आयरन की कमी ही हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और आवश्यक जांच कराना बेहतर रहता है।
ये भी पढ़ें- बिना सर्जरी होगा सर्वाइकल कैंसर का इलाज! ICMR की नई पहल ने जगाई उम्मीद
Written By Toshi Shah