चंडीगढ़: अगले साल यानि 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच गठबंधन की संभावनाएं फिर से मजबूत होती दिख रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों दल गठबंधन को दोबारा शुरू करने के अंतिम चरण में हैं और इस बार बीजेपी गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका चाहती है।
सीट बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत
सूत्रों के अनुसार, दोनों पार्टियों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। इसका संकेत इस बात से मिला है कि शिरोमणि अकाली दल ने कथित तौर पर अपने नेताओं को ग्रामीण इलाकों की सीटों पर तैयारी नहीं करने की सलाह दी है।
वहीं, बीजेपी ने पंजाब में अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के हालिया पंजाब दौरे के दौरान पार्टी नेताओं को राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर तैयारी करने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक बीएल संतोष ने अकाली दल के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया है। बीजेपी की सभी सीटों पर तैयारी और अकाली दल की ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रियता कम होने से गठबंधन में सीटों के समीकरण को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
समझौता से होगा पंजाब में बड़ा बदलाव
अगर यह समझौता तय होता है, तो पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा। पहली बार बीजेपी गठबंधन में ‘बड़े भाई’ की भूमिका में नजर आ सकती है, जबकि यह भूमिका अब तक अकाली दल निभाता रहा है।
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गौरतलब है कि बीजेपी और अकाली दल लंबे समय तक पंजाब में सहयोगी रहे थे, लेकिन 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर दोनों दलों का गठबंधन टूट गया था। उस समय अकाली दल गठबंधन का प्रमुख साझेदार था और बीजेपी मुख्य रूप से शहरी सीटों पर चुनाव लड़ती थी।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों का संभावित पुनर्गठन पंजाब की राजनीतिक तस्वीर को काफी प्रभावित कर सकता है।