Uttarakhand Ropeway Projects: उत्तराखंड में पर्यटन और धार्मिक यात्रा को सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है । बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कैंप कार्यालय में समीक्षा बैठक करते हुए राज्य के 8 प्रमुख रोपवे प्रोजेक्ट्स की गति पर नाराजगी जताई, इतना ही नहीं अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि 9 नवंबर तक सभी परियोजनाओं का काम धरातल पर नजर आना चाहिए ।

वहीं मुख्य सचिव को अगले 15 दिनों के भीतर प्रगति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है । मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल तीर्थयात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सड़कों पर ट्रैफिक जाम का दबाव भी कम होगा ।

सुरक्षा, पर्यावरण और पार्किंग पर विशेष फोकस
रोपवे जिन जिलों में बन रहे हैं, वहां के जिलाधिकारी प्रोजेक्ट्स की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे । हर रोपवे प्रोजेक्ट में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं । निर्माण कार्यों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संतुलन बनाए रखना अनिवार्य किया गया है । निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे ।

राज्य के 8 प्रमुख रोपवे प्रोजेक्ट
बता दें कि तपोवन-कुंजापुरी 4. 84 किमी, काठगोदाम बस स्टैंड-हनुमान गढ़ी मंदिर 14.90 किमी, सोनप्रयाग-गौरीकुंड-केदारनाथ 12. 90 किमी, गोविंदघाट-घांघरिया-हेमकुंड साहिब 12. 40 किमी, जोशीमठ-औली-गौरसौं 6.92 किमी, गौंडार-श्री मदमहेश्वर 6.50 किमी, देहरादून-पुरकुल-मसूरी 5.50 किमी, जानकीचट्टी-यमुनोत्री मंदिर 3.39 किमी तक बनाया जाएगा ।

मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि विकास और पर्यावरण के संतुलन के साथ तय समयसीमा के अंदर इन सभी प्रोजेक्ट्स को पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है ।

 

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