नई दिल्ली: दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों की जांच कर रही हाई पावर्ड कमेटी (HPC) को सुप्रीम कोर्ट ने एक महीने के भीतर अपनी शुरुआती तथ्य-जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी से कहा है कि वह तय समयसीमा के भीतर अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करे।
HPC को सुप्रीम कोर्ट ने तथ्य-जांच रिपोर्ट सौंपने का दिया निर्देश
इस मामले में अदालत दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई से जुड़े आरोपों की जांच और तथ्यों की पड़ताल पर नजर बनाए हुए है। दरअसल, हाई पावर्ड कमेटी (HPC) का काम पुलिस की कार्रवाई से संबंधित शिकायतों और घटनाओं की जांच करना है। ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि कमेटी के पास अब तक बहुत कम शिकायतें पहुंची हैं।
जांच में केवल एक शिकायतकर्ता का हलफनामा मिला: SC
अदालत के मुताबिक, कमेटी की 26 अक्टूबर को हुई बैठक और शिकायतों के लिए जारी सार्वजनिक सूचनाओं के बावजूद 29 अक्टूबर को केवल एक शिकायतकर्ता का हलफनामा मिला था। इस संदर्भ में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि पिटीशनर्स द्वारा जमा किए गए मटीरियल और पैनल तक असल में पहुंची सामग्री के बीच अंतर है। जिसे अपने पोर्टल और फिजिकल सबमिशन के ज़रिए बहुत कम शिकायतें मिली थीं। बेंच ने साफ़ किया कि पीड़ितों की ओर से वकीलों या समाज सेवा करने वाले लोगों द्वारा जमा किए गए मटीरियल की भी जांच होनी चाहिए, भले ही पीड़ितों ने खुद कमेटी से संपर्क न किया हो।