PM Narendra Modi Visit Vadodara: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण किया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि सत्ता, संगठन, पद और प्रतिष्ठा का इस्तेमाल जनसेवा के लिए होना चाहिए।
सत्ता का अहंकार नहीं, सेवा का रास्ता
नवसारी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात में बीजेपी की लंबे समय से मौजूदगी के पीछे कार्यकर्ताओं की सेवा भावना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने सत्ता के अहंकार के बजाय सेवा के रास्ते को अपनाया है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे लिए ‘आराम हराम है’ सिर्फ एक नारा नहीं है। हमारा हर कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत करता है और जनसेवा के लिए हर संभव प्रयास करता है।”
जनभागीदारी से बदलाव को बताया स्थायी
प्रधानमंत्री ने नवसारी के गांवों में लोगों की भागीदारी से चल रहे स्वच्छता अभियानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब बदलाव आम लोगों की ताकत से आता है, तो वह स्थायी होता है और समाज में नया आत्मविश्वास पैदा करता है। जब बदलाव सामान्य लोगों की शक्ति से आता है, तो वह बदलाव स्थायी होता है और नया विश्वास पैदा करता है।
कुपोषण मुक्त नवसारी को बताया बड़ी उपलब्धि
पीएम मोदी ने नवसारी जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के प्रयासों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि किसी जिले को कुपोषण मुक्त बनाना चुनावी समर्थन से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे माताओं और परिवारों का आशीर्वाद मिलता है। हर परिवार की हर मां का आशीर्वाद मिलना वोट से लाखों गुना ज्यादा शक्तिशाली है।
नवसारी को TB मुक्त बनाने का संकल्प
प्रधानमंत्री ने नवसारी को टीबी मुक्त बनाने के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि लोगों को बीमारी से मुक्त कराने का काम आने वाली पीढ़ियों के कल्याण से जुड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि नवसारी के कार्यकर्ता अगर जिले को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लेते हैं, तो वे आने वाली पीढ़ियों के हित में काम कर रहे हैं।
सत्ता भी सेवा के लिए है
पीएम मोदी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन के हर क्षेत्र में सेवा की भावना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता भी सेवा के लिए, संगठन भी सेवा के लिए, पद भी सेवा के लिए, प्रतिष्ठा भी सेवा के लिए और व्यवस्था भी सेवा के लिए। जब व्यवस्था और सत्ता का उद्देश्य हर व्यक्ति की सेवा बनता है, तभी सत्ता संवेदनशील बनती है।
गुजरात के मुख्यमंत्री के दिनों को किया याद
प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने शुरुआती दिनों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि वह भीषण गर्मी में गांव-गांव जाते थे और बेटियों की शिक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करते थे। उन्होंने कहा कि वह जून की 13, 14 और 15 तारीख को 44 डिग्री तक की गर्मी में गांवों में जाते थे और बेटियों को स्कूल भेजने के लिए उनके माता-पिता को समझाते थे। पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा से लाभान्वित महिलाओं से मुलाकात के अनुभवों ने उन्हें राजनीतिक पद संभालने की तुलना में कहीं अधिक संतुष्टि दी। सेवा कभी व्यर्थ नहीं जाती। समाज इतना उदार होता है कि वह सेवा का कर्ज कभी नहीं भूलता। अपने आशीर्वाद के जरिए वह उस कर्ज को चुकाता है।