नई दिल्ली: दिल्ली में जर्जर और पुराने भवनों की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने पुनर्विकास (Redevelopment) को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू कर दी है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) की सचिव डी. थारा ने कहा है कि दिल्ली के प्रस्तावित नए मास्टर प्लान में बढ़ाया गया Floor Area Ratio (FAR) पुराने भवनों के पुनर्निर्माण को आर्थिक रूप से संभव बना सकता है।
सत्या निकेतन में हाल ही में पांच मंजिला पेइंग गेस्ट इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद पुराने भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। इसी बीच डी. थारा ने कहा कि नए मास्टर प्लान में पुनर्विकास के लिए अतिरिक्त FAR का प्रावधान किया गया है, जिससे मालिकों को पुराने ढांचे को गिराकर नया निर्माण करने में मदद मिलेगी।
पुराने भवनों को मिलेगा अतिरिक्त निर्माण अधिकार
डी. थारा ने कहा कि कई पुराने भवनों का FAR लगभग 1.5 है। अगर ऐसे भवनों को तोड़कर दोबारा बनाया जाता है तो उन्हें करीब 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त निर्माण क्षमता मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि पुराने भवनों को गिराने और दोबारा बनाने में बड़ी लागत आती है। ऐसे में अतिरिक्त FAR से संपत्ति मालिकों को आर्थिक सहायता मिलेगी और पुनर्विकास को गति मिलेगी।
दिल्ली में 20 साल में बन सकते हैं 40 लाख नए घर
MoHUA सचिव ने बताया कि आने वाले 20 वर्षों में दिल्ली में करीब 40 लाख नए घरों के निर्माण की संभावना है।
उन्होंने कहा कि मेट्रो कॉरिडोर के आसपास करीब 20 हजार हेक्टेयर जमीन को हाई-डेंसिटी डेवलपमेंट के लिए चिन्हित किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को सार्वजनिक परिवहन के करीब बसाना है ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो।
डी. थारा ने कहा कि दिल्ली में लगभग 70 प्रतिशत नौकरियां मेट्रो कॉरिडोर के आसपास केंद्रित हैं, इसलिए भविष्य का विकास भी इन्हीं क्षेत्रों में बढ़ाने की योजना है।
दिल्ली बनेगी ‘स्पंज सिटी’, बारिश के पानी को बचाने पर जोर
शहरी जल प्रबंधन पर बात करते हुए डी. थारा ने कहा कि अब शहरों को बारिश के पानी को तेजी से नालों में बहाने के बजाय उसे जमीन में सोखने की व्यवस्था करनी होगी।
उन्होंने “स्पंज सिटी” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि शहरों को इस तरह डिजाइन किया जाना चाहिए कि वे बारिश के पानी को अवशोषित और संरक्षित कर सकें।
उन्होंने लोगों से निर्माण के दौरान ज्यादा कंक्रीट इस्तेमाल करने से बचने की अपील की, क्योंकि इससे पानी जमीन में नहीं जा पाता और जलभराव की समस्या बढ़ती है।
लैंड पूलिंग योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी
डी. थारा ने दिल्ली में लैंड पूलिंग योजना पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना की पहली मंजूरी मिल चुकी है और इसे सफल बनाने के लिए जमीन मालिकों का भरोसा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को जमीन एकत्र करने की प्रक्रिया में बड़ी भूमिका निभानी होगी। इसके लिए जमीन मालिकों और प्राधिकरण के बीच संवाद के लिए एक प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है।
पुरानी इमारतों की सुरक्षा और नए विकास पर फोकस
दिल्ली में बढ़ती आबादी, पुराने भवनों की सुरक्षा और आवास की मांग को देखते हुए सरकार पुनर्विकास मॉडल पर जोर दे रही है।
नए मास्टर प्लान में बढ़ा हुआ FAR पुराने भवनों के पुनर्निर्माण को आसान बनाने के साथ-साथ दिल्ली के रियल एस्टेट सेक्टर में नए निवेश और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा दे सकता है।
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