मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने मंगलवार को राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले को रद्द करने की मांग की थी।

जस्टिस एन. आर. बोरकर की एकल पीठ ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट के आदेश में कोई ऐसी “विकृति या अवैधता” नहीं है, जिसके आधार पर उसमें हस्तक्षेप किया जाए। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राहुल गांधी के खिलाफ गिरगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में आपराधिक मानहानि की कार्यवाही आगे जारी रहेगी।

2019 में जारी हुआ था समन
यह मामला वर्ष 2019 का है। गिरगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने प्रथम दृष्टया आपराधिक मानहानि का मामला बनता पाए जाने के बाद राहुल गांधी को समन जारी किया था। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 500 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद राहुल गांधी ने हाईकोर्ट का रुख कर कार्यवाही रद्द करने की मांग की थी। नवंबर 2021 में हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को अंतरिम राहत देते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट की सुनवाई स्थगित रखने का निर्देश दिया था। साथ ही अंतिम फैसला आने तक उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने से राहत मिली थी।

जयपुर रैली में PM मोदी पर टिप्पणी का आरोप
शिकायत स्थानीय BJP कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमराल ने गिरगांव कोर्ट में दाखिल की थी। आरोप है कि राहुल गांधी ने 20 अगस्त 2018 को राजस्थान के जयपुर में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, राहुल गांधी की यह टिप्पणी राष्ट्रीय टेलीविजन पर भी प्रसारित हुई थी।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और इसका असर BJP कार्यकर्ताओं की प्रतिष्ठा पर भी पड़ा। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस मामले की सुनवाई गिरगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में आगे बढ़ेगी।