नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि हादसे वाली जगह पर मोबाइल जैमर लगाए गए थे, जिससे मलबे में फंसे छात्र और स्थानीय लोग बाहर संपर्क नहीं कर सके।
सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में सवाल उठाया, "मोबाइल जैमर किसके आदेश पर लगाए गए? अगर कोई मलबे में फंसा था तो वह मदद के लिए फोन कैसे करता?"
उन्होंने आरोप लगाया कि मोबाइल सिग्नल बंद होने की वजह से फंसे हुए लोग अपने परिवारों और बचाव दलों से संपर्क नहीं कर पाए और हादसे की वास्तविक स्थिति बाहर नहीं आ सकी।
AAP ने उठाए रेस्क्यू ऑपरेशन पर सवाल
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि दिल्ली प्रशासन की एंबुलेंस करीब दो घंटे बाद पहुंची, जबकि सबसे पहले एक निजी Blinkit एंबुलेंस मौके पर पहुंची थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि NDRF की टीम भी देर से पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू होने में करीब दो से ढाई घंटे की देरी हुई।
AAP नेता ने कहा कि ऐसे हादसों में कई बार लोग मलबे के अंदर से फोन कर अपनी लोकेशन बताते हैं और मदद मांगते हैं, लेकिन मोबाइल नेटवर्क बंद होने से यह रास्ता भी बंद हो गया।
दिल्ली पुलिस ने आरोपों को बताया गलत
AAP के आरोपों को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक X हैंडल से कहा कि सत्य निकेतन रेस्क्यू साइट पर मोबाइल जैमर लगाए जाने की खबरें पूरी तरह झूठी हैं।
पुलिस के जवाब पर सौरभ भारद्वाज ने पलटवार करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस गलत जानकारी दे रही है और उन्होंने खुद मौके पर मौजूद लोगों के साथ नेटवर्क समस्या देखी थी।
सुप्रीम कोर्ट के अमिकस ने उठाए भवन सुरक्षा पर सवाल
सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त अमिकस क्यूरी अजीत कुमार सिन्हा ने दिल्ली के PG, निजी हॉस्टल और छात्र आवासों की सुरक्षा जांच का दायरा बढ़ाने की मांग की है।
उनकी रिपोर्ट में बताया गया कि सत्य निकेतन में अप्रैल 2022 में भी इमारत गिरने की घटना हुई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने इसे सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल बताया।
रिपोर्ट में अवैध निर्माण, बेसमेंट में बदलाव, संरचनात्मक सुरक्षा, फायर सेफ्टी और स्वीकृत नक्शों की जांच के लिए समयबद्ध ऑडिट की मांग की गई है।
सात लोगों की हुई थी मौत
6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में भवन मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
आरोप है कि किराये से ज्यादा कमाई के लिए इमारत में अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई थीं, जबकि हादसे के समय निर्माण कार्य भी चल रहा था।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने AIIMS पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और पीड़ित परिवारों को हर संभव चिकित्सा सहायता और आर्थिक मदद देने का भरोसा दिलाया है।
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