PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के 3 अहम सेक्शन देश को समर्पित किए। ये तीनों सेक्शन कुल 326 रूट किलोमीटर लंबे हैं और इन पर 20,700 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुआ है। इनमें न्यू साणंद (नॉर्थ)-न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-न्यू JNPT सेक्शन शामिल हैं।

JNPT से सीधे जुड़ेगा माल ढुलाई नेटवर्क

इन सेक्शन के शुरू होने से वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अब जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (JNPT) से सीधे जुड़ गया है। इससे बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच माल पहुंचाना आसान और तेज होने की उम्मीद है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स लागत घटने और मुंबई के मौजूदा रेलवे नेटवर्क पर दबाव कम होने की संभावना है। प्रधानमंत्री ने मुंबई में न्यू साणंद (नॉर्थ), न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव और न्यू JNPT से मालगाड़ी सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई।

दोनों DFC की पूरी लंबाई पर सेवा शुरू

भारत में दो प्रमुख डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाए गए हैं। ईस्टर्न DFC लुधियाना से सोननगर तक 1,337 किलोमीटर लंबा है, जबकि वेस्टर्न DFC दादरी को JNPT से 1,506 किलोमीटर के रास्ते जोड़ता है। नए सेक्शन शुरू होने के साथ पूरा DFC नेटवर्क अपनी निर्धारित लंबाई में चालू हो गया है। इन कॉरिडोर पर रोजाना औसतन करीब 443 ट्रेनें चल रही हैं। माल की मात्रा, ट्रेनों की औसत रफ्तार और टर्नअराउंड समय में भी सुधार हुआ है।

रेलवे की माल ढुलाई को मिलेगा फायदा

DFC पर मालगाड़ियों का ट्रैफिक शिफ्ट होने से पारंपरिक रेलवे नेटवर्क पर जगह खाली हुई है। इससे रेलवे को अन्य मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन में मदद मिल रही है। डबल-स्टैक कंटेनर और ज्यादा एक्सल लोड वाली ट्रेनों के कारण माल को लंबी दूरी तक तेजी से पहुंचाना संभव हो रहा है।

नया DFC भी प्रस्तावित

केंद्रीय बजट 2026 में डंकुनी से सूरत के बीच एक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने या अपडेट करने का काम शुरू हो चुका है। भारतीय रेलवे की माल ढुलाई 2025-26 में बढ़कर 1,670 MT हो गई है।

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रेलवे माल ढुलाई को और मजबूत करने के लिए गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल, निजी वैगन निवेश योजनाओं और JPP-RCS जैसी सेवाओं पर भी काम कर रहा है। इससे देश में फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी बेहतर होने और रेलवे की माल ढुलाई हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है।