नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के जाने-माने संगीतकार और म्यूजिक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या के बाद मामला गरमा गया है। घटना को लेकर दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने घटना पर दुख जताते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से कड़े सवाल किए हैं।
शोर कम करने के लिए नीचे आए थे विक्रम सिंह
रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार रात करीब 11 बजे के आसपास विक्रम सिंह अपने घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे को लेकर कुछ लोगों से बात करने नीचे आए थे। आरोप है कि इसके बाद विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने उनका पीछा करते हुए उनके घर तक पहुंचकर उनके साथ मारपीट की। हमले में गंभीर रूप से घायल विक्रम सिंह को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
17 साल से दिल्ली में रहकर सिखा रहे थे संगीत
चोंगथम विक्रम सिंह सिर्फ एक म्यूजिक टीचर ही नहीं थे, बल्कि मणिपुर के रॉक संगीत से जुड़े जाने-माने कलाकार भी थे। वह करीब 17-20 वर्षों से दिल्ली में रह रहे थे और यहां संगीत की शिक्षा दे रहे थे। वह मणिपुर के रॉक बैंड Phoenix से भी जुड़े रहे और बाद में दिल्ली में छात्रों को संगीत सिखाते रहे। उनकी मौत को मणिपुर के संगीत जगत के लिए भी बड़ा नुकसान माना जा रहा है। घटना के बाद उनके परिचितों और पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों में आक्रोश है।
राहुल गांधी ने उठाया सुरक्षा का सवाल
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर के मशहूर संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह अपने घर के बाहर हो रहे शोर को कम कराने के लिए नीचे गए थे और कथित तौर पर उन्हें पीट-पीटकर मार दिया गया। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि “आज दिल्ली में रहने वाला हर नॉर्थ-ईस्ट का परिवार यही सवाल पूछ रहा है—क्या हम यहां सुरक्षित हैं?” उन्होंने इस मामले में तेजी से जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
क्या नस्लीय एंगल भी है?
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या हमले के पीछे किसी तरह का नस्लीय या क्षेत्रीय भेदभाव था। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में अभी तक ऐसा कोई मकसद स्थापित नहीं हुआ है। इसलिए इस पहलू को लेकर जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। वहीं, पूर्वोत्तर समुदाय से जुड़े लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और सभी पहलुओं की पड़ताल की मांग की है।
CCTV फुटेज भी जांच का हिस्सा
पुलिस जांच में घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। सामने आए फुटेज से हमले की पूरी कड़ी समझने और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली में पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा पर फिर बहस
विक्रम सिंह की हत्या ने राजधानी में रहने वाले पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। राजनीतिक नेताओं और पूर्वोत्तर समुदाय से जुड़े संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामला अब सिर्फ एक हत्या की जांच तक सीमित नहीं रहा है। दिल्ली जैसे महानगर में अलग-अलग राज्यों और समुदायों से आने वाले लोगों की सुरक्षा, सम्मान और भेदभाव से जुड़े सवाल भी इस घटना के बाद सामने आए हैं।
फिलहाल दिल्ली पुलिस की जांच जारी है और सात आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। अब जांच में यह साफ होना बाकी है कि हमला किस विवाद में और किस मकसद से हुआ था।
यह भी पढ़ें: लाल से नीली हुई सपा छात्रसभा की ड्रेस, अखिलेश यादव का बड़ा सियासी दांव? आंबेडकर से लेकर PDA तक समझिए पूरी रणनीति