नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के मशहूर चरित्र अभिनेता मुश्ताक खान का निधन हो गया है। ‘वेलकम’ में बल्लू का किरदार और ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में गुल खान की भूमिका निभाकर अपनी खास पहचान बनाने वाले अभिनेता ने 24 सितंबर को मुंबई के नानावती अस्पताल में आखिरी सांस ली। वह 56 वर्ष के थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कैंसर से जूझ रहे थे और इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई थी।
मुश्ताक खान उन कलाकारों में रहे, जिन्होंने भले ही फिल्मों में मुख्य किरदार नहीं निभाए, लेकिन अपने छोटे-छोटे रोल से दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई। कॉमेडी से लेकर गंभीर और सहायक भूमिकाओं तक उन्होंने कई तरह के किरदार पर्दे पर निभाए। तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में वह हिंदी फिल्मों और टीवी का जाना-पहचाना चेहरा रहे।
‘वेलकम’ का बल्लू और वो आइकॉनिक डायलॉग
मुश्ताक खान के सबसे चर्चित किरदारों में ‘वेलकम’ का बल्लू शामिल है। साल 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने उदय शेट्टी के गैंग के सदस्य का किरदार निभाया था। अक्षय कुमार, नाना पाटेकर, अनिल कपूर और कैटरीना कैफ जैसे सितारों से सजी इस फिल्म में मुश्ताक खान ने अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का ध्यान खींचा।
फिल्म में उनका डायलॉग ‘मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था…’ आज भी उनके सबसे यादगार संवादों में गिना जाता है। इस सीन ने उनके किरदार बल्लू को खास पहचान दिलाई और वह डायलॉग लंबे समय तक दर्शकों के बीच चर्चा में रहा।
‘गदर’ में बने थे गुल खान
मुश्ताक खान ने सनी देओल की ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में भी अहम सहायक भूमिका निभाई थी। फिल्म में उन्होंने गुल खान का किरदार निभाया था। साल 2001 में आई इस फिल्म के बाद 2023 में रिलीज हुई ‘गदर 2’ में भी वह इसी किरदार के साथ नजर आए। इस तरह करीब दो दशक बाद उन्होंने गुल खान की भूमिका को दोबारा पर्दे पर निभाया।
‘आशिकी’ से शुरू हुई यादगार पहचान
मुश्ताक खान का फिल्मी सफर सिर्फ ‘वेलकम’ और ‘गदर’ तक सीमित नहीं था। उन्होंने 1980 के दशक से फिल्मों में काम करना शुरू किया था। ‘आशिकी’ में उन्होंने रफू मास्टर का किरदार निभाया था। इसके अलावा ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘सड़क’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘क्रांतिवीर’, ‘राजा’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘वांटेड’, ‘ओह माय गॉड!’, ‘राउडी राठौर’ और ‘स्त्री’ जैसी फिल्मों में भी वह नजर आए।
उनकी खासियत यह रही कि स्क्रीन टाइम कम होने के बावजूद उनके किरदार दर्शकों को याद रह जाते थे। वह फिल्मों में कभी पड़ोसी, कभी पुलिसकर्मी, कभी रिश्तेदार तो कभी कॉमेडी किरदार के रूप में नजर आए।
आखिरी दौर तक फिल्मों में रहे सक्रिय
मुश्ताक खान ने अपने करियर के आखिरी दौर में भी फिल्मों में काम करना जारी रखा। ‘बधाई दो’, ‘स्त्री 2’ और ‘गदर 2’ जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी देखी गई। उनकी फिल्मोग्राफी में ‘हेरा फेरी’, ‘जोड़ी नंबर 1’, ‘खिलाड़ी 786’ और ‘बेबी जॉन’ समेत कई फिल्में शामिल हैं।
मुश्ताक खान के निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने मुख्य भूमिका में आए बिना भी अपनी अलग पहचान बनाई। ‘वेलकम’ के बल्लू से लेकर ‘गदर’ के गुल खान तक उनके कई किरदार दर्शकों की यादों में बने रहेंगे।
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