Vande Bharat Sleeper Train: हर साल दीवाली और छठ पर्व को लेकर लाखों लोग अपने घर की तरफ रवाना होते हैं। ऐसे में कुछ लोग बसों में सफर करते हैं, तो लंबी दूरी की यात्रा के लिए लोग पहले से ही ट्रेन की टिकट बुक करा लेते हैं। ऐसे में भारतीय रेलवे पर त्योहारों के सीजन में सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है। स्थिति ऐसी होती है। ट्रेने गांव तक पहुंचने से पहले ही लंबा लब भर जाती है। इसी स्थिति से निपटने के लिए इस बार रेलवे यात्रियों के ज्यादा दबाब को संतुलित करने की खास योजना बना रहा है। तो चलिए आपको बताते हैं रेलवे की स्पेशल ट्रेन को लेकर क्या है खास योजना?
रेलवे करेंगा यात्रियों की परेशानी खत्म
छठ पूजा के खास मौके पर लाखों की संख्या में लोगों को परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर पहुंचने की जल्दी होती है। इस साल भारतीय रेल भी अपनी खास तैयारी कर चुका है। भारतीय रेलवे ने भारी भीड़ के मद्देनजर स्पेशल ट्रेनें चलाने का एक खाका तैयार किया है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में यात्रियों को ट्रेन में सफर करने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। दिवाली से लेकर छठ महापर्व के दौरान घर जाने वाले लोग पहले ही ट्रेनों की बुकिंग करवा लेते हैं। लेकिन उसके बाद भी कुछ लोग समय से अपनी टिकट बुकिंग नहीं करवा पाते। जिसकी वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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राजधानी-दुरंतो जैसी ट्रेनों से 2 कदम आगे
इस बार छठ की छटा में कोई कमी न आए उसके लिए इंडियन रेलवे लोगों को बड़ा तोहफा देने वाला है। दिल्ली से वाराणसी के बीच भारतीय रेल देश की दूसरी सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी में जुटा है। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कामाख्या से हावड़ा के बीच चलाई गई। इसमें स्पीड से लेकर सुविधाओं की बात करें तो यह राजधानी-दुरंतो जैसी ट्रेनों से भी दो कदम आगे है। इस स्पेशल वंदे भारत को बुलेट ट्रेन का छोटा भाई भी कहा जाता है।
अभी ने हुआ है अधिकारिक ऐलान
नई दिल्ली और वाराणसी के बीच भारतीय रेलवे दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने वाला है। इस प्रस्तावित ट्रेन का संचालन रात में चलने वाली सेवाओें में मिलेगा। यह स्पेशल ट्रेन प्रयागराज तथा कानपुर के रास्ते चलाने की योजना बनाई जा रही है। रेलवे अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस स्पेशल ट्रेन के संचालन से पहले इसी महीने इसका ट्रायल रन किया जाएगा। दिवाली से पहले इस ट्रेन की नियमित सेवा शुरू की जाएगी।
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बिहार वालो के लिए बड़ी राहत
हालांकि रेलवे बोर्ड द्वारा अभी तक इस स्पेशल ट्रेन का संख्या नंबर, किराया और रेगुलर ऑपरेशन व संचालन की तारीखों को लेकर किसी तरह की अधिकारिक घोषणा नहीं की है। दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बिहार वालों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर चलेगी। यह खास ट्रेन वाराणसी से पटना के बीच एक ब्रिज का काम करेगी।
रात 9:20 बजे वाराणसी से रवाना होने का प्रस्ताव
वाराणसी कैंट से स्लीपर वंदे भारत रात 9:20 बजे रवाना होगी। इसके बाद ट्रेन रात 10:45 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। तकरीबन 12:35 बजे कानपुर सेंट्रल से होते हुए यह ट्रेन सुबह 5 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी यात्रा में ट्रेन नई दिल्ली से रात 9:20 बजे चलकर सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंचेगी। हालांकि, ये समय फिलहाल प्रस्तावित तौर पर माना जाएगा। ट्रायल रन की बात की जाए तो समय सारणी को आने वाले परिचालन संबंधी पहलुओं के साथ जरूरी मंजूरियों के बाद अंतिम समय सारिणी में बदला जा सकता है।
160 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है रफ्तार
नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेन को 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित करने की व्यवस्था तैयार की जा रही है। दिल्ली से वाराणसी की दूरी 760 किलोमीटर के आस-पास है। ऐसे में अगर ट्रेन अपनी अधिकतम गति से चलेगी तो यह सफर लगभग 5 घंटे 15 मिनट में पूरा करके अपने गंत्वय स्थान पर पहुंचेगी।
हालांकि, ट्रेन की वास्तविक परिचालन गति ट्रैक की मौजूदा स्थिति और रेलवे के ‘मिशन रफ्तार’ के अंतर्गत चल रहे अपग्रेडेशन कार्य की प्रगति पर निर्भर करेगी। अधिकतम परिचालन गति हासिल होने पर दिल्ली से प्रयागराज और वाराणसी के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। इससे इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिल सकती है।
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16 कोच में 823 यात्रियों के लिए होगी जगह
प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे और इसमें करीब 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। ट्रेन में 11 AC-3, 4 AC-2 और 1 फर्स्ट AC कोच शामिल किए जाने की योजना है। स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। ट्रेन के प्राथमिक रखरखाव की जिम्मेदारी उत्तर रेलवे के पास रहने की संभावना है।
हावड़ा-कामाख्या के बाद दूसरी स्लीपर वंदे भारत
दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत भारतीय रेलवे की दूसरी स्लीपर वंदे भारत सेवा होगी। इससे पहले हावड़ा-कामाख्या रूट पर स्लीपर वंदे भारत का संचालन शुरू हो चुका है। हालांकि, दिल्ली-वाराणसी सेवा के लिए ट्रेन नंबर, किराया और नियमित संचालन की तारीख को लेकर रेलवे बोर्ड की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ट्रायल रन और जरूरी परिचालन मंजूरियां मिलने के बाद इन विवरणों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
भारत-रूस की साझेदारी से तैयार हो रहे ट्रेनसेट
स्लीपर वंदे भारत ट्रेनसेट का निर्माण भारत-रूस संयुक्त उद्यम के तहत किया जा रहा है। रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और रूस की कंपनी ट्रांसमाशहोल्डिंग (TMH) ने मिलकर किन्नेट रेलवे सॉल्यूशंस लिमिटेड का गठन किया है।
इस संयुक्त उद्यम के तहत महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र स्थित कारखाने में 120 स्लीपर वंदे भारत ट्रेनसेट तैयार किए जाने की योजना है। प्रत्येक ट्रेनसेट में 16 कोच होंगे। इस परियोजना का उद्देश्य देश में आधुनिक और तेज रफ्तार स्लीपर ट्रेन सेवाओं को बढ़ावा देना है।
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