नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने गुरुवार, 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए भारत और चीन के साथ मिलकर हिमालय क्षेत्र में जलवायु आपदाओं से निपटने के लिए एक साझा तंत्र बनाने का प्रस्ताव रखा, उन्होंने हालिया बाढ़ के दौरान नेपाल की सहायता करने के लिए भारत और चीन समेत सभी सहयोगी देशों और संस्थाओं का आभार जताया, इसके साथ ही देश को आपदा से मिली चेतावनी के बारे में भी बताया। 

नेपाल संकट में साथ देने वालों को बालेन शाह ने कहा धन्यवाद

बालेन शाह ने कहा कि नेपाल प्राकृतिक आपदा के मुश्किल दौर में साथ खड़े होने वाले सभी देशों और संगठनों के प्रति आभारी है, उन्होंने विशेष रूप से भारत और चीन का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी देशों ने बाढ़ के बाद तत्काल सहायता उपलब्ध कराई। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों, मानवीय संगठनों, परोपकारी संस्थाओं और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से मिले सहयोग के लिए भी उन्होंने धन्यवाद दिया।

क्या आपने चेतावनी सुनी- बालेन शाह

चार हफ़्ते पहले, दुनिया ने भयानक बाढ़ की चौंकाने वाली तस्वीरें देखीं, जिसने नेपाल के पहाड़ी इलाकों को इतनी तेज़ी से बहा दिया कि कई लोगों ने इसे 'माउंटेन सुनामी' या 'हिमालयन सुनामी' कहा। भोटेकोशी त्रिशूली आपदा सिर्फ़ एक लोकल त्रासदी नहीं थी। यह दुनिया के लिए एक चेतावनी थी और मैं आज आपसे पूछता हूं, 'क्या आपने सच में वह चेतावनी सुनी है?

हिमालय के लिए साझा क्लाइमेट रेजिलिएंस मैकेनिज्म

नेपाल के प्रधानमंत्री ने हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते जलवायु जोखिमों से निपटने के लिए भारत और चीन के नेतृत्व में 'हिमालयन क्लाइमेट रेजिलिएंस मैकेनिज्म' स्थापित करने का सुझाव दिया, उनके प्रस्ताव के मुताबिक इस तंत्र के तहत तीनों देशों के बीच सैटेलाइट से मिलने वाली सूचनाओं, विशेषज्ञता और खुफिया जानकारी को साझा किया जा सकता है, साथ ही हिमालय में मौजूद खतरनाक ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए संयुक्त व्यवस्था विकसित करने और आपदाओं की समय रहते चेतावनी देने वाली प्रणालियों को मजबूत करने पर भी सहयोग किया जा सकता है।

बालेन शाह ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में देशों को सीमाओं तक सीमित न रहते हुए एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आना चाहिए, उनका कहना था कि हिमालय को अलग-अलग सूचनाओं तक सीमित क्षेत्र के बजाय अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझा समाधान विकसित करने की प्रयोगशाला बनाया जाना चाहिए।

बाढ़ से नेपाल में भारी तबाही

नेपाल में हालिया बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की मौत हुई, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता हो गए। राहत और बचाव एजेंसियों की ओर से लापता लोगों की तलाश जारी रही। इस संकट के दौरान भारत ने नेपाल की सहायता के लिए राहत और सहयोग उपलब्ध कराया। बालेन शाह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से भारत, चीन और अन्य सहयोगी देशों व संस्थाओं के योगदान के लिए नेपाल की ओर से आभार व्यक्त किया।