Indian Cricket Team: भारतीय टीम को रविवार की सुबह एशियन गेम्स 2026 के लिए जापान के लिए उड़ान भरनी है लेकिन एक समस्या के कारण इसमें देरी हो सकती है। यह देरी फ्लाइट या खिलाड़ियों की टिकट की वजह से उत्पन्न नहीं हुई है, बल्कि इसके पीछे का कारण पढ़ आप भी हैरान रह जाएंगे।
आपको बता दें कि, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम का पहला मैच 28 सितंबर को होगा लेकिन उससे पहले श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम इंडिया को जापान के साथ एक इंटरनेशनल टी20 मैच भी खेलना है।
टीम इंडिया की जर्सी बनी समस्या
भारतीय टीम के देरी से पहुंचने का कारण उनकी जर्सी हो सकती है। दरअसल, टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों को उनकी सही साइज की जर्सी नहीं मिली है और यही कारण है कि टीम इंडिया को जापाना पहुंचने में थोड़ी देरी हो सकती है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट की माने तो जर्सी के साइज की परेशानी को लेकर बीसीसीआई की जेएसडब्ल्यू से लगातार बातचीत हो रही है।
हालांकि, कई खिलाड़ियों की यह समस्या खत्म हो चुकी है और उनको सही जर्सी नंबर मिल चुका है लेकिन अभी कई खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनको सही जर्सी साइज उपलब्ध नहीं करवाया गया है और यही कारण है कि खिलाड़ियों को जापान में पहुंचने में तय समय से अधिक लग सकता है। खिलाड़ियों को रविवार सुबह उड़ान भरनी थी लेकिन इसमें समय आगे बढ़ाया जा सकता है।
जापान में भारत पहनेगा दो जर्सी
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के जापान में दो जर्सियां पहनेगा। इसमें एक जर्सी जापान के खिलाफ एकमात्र टी20 मैच में इस्तेमाल होगी तो एशियन गेम्स 2026 के लिए अलग जर्सी को तैयार किया जा रहा है।
आपको बता दें कि, भारत-जापान के बीच एकमात्र मैच 22 सितंबर को खेला जाएगा और यह मैच एशियन गेम्स 2026 का हिस्सा नहीं होगा। ऐसे में भारत अपनी नियमित टी20 जर्सी पहनकर जापान से मैच खेलेगा।
वहीं, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम दूसरी जर्सी का इस्तेमाल करेगी, जिसमें एशियन गेम्स 2026 लिखा होगा। इस जर्सी को जेएसडब्ल्यू देगा जो भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) का स्पांसर है।
तेजिंदरपाल सिंह तूर को अचानक हटना पड़ा था
जर्सी की समस्या के कारण भारतीय शॉट पुटर तेजिंदरपाल सिंह तूर की समय पर जापान नहीं पहुंच पाएंगे, जिसके चलते उन्हें ध्वजवाहक के रूप में हिस्सा लेने का मौका भी नहीं मिलेगा और यह समस्या भी जर्सी के कारण आई है।
दरअसल, ओपनिंग सेरेमनी में तूर और मनु भाकेर को ध्वजवाहक की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन तूर को आधिकारिक किट नहीं मिली है और इसकी वजह से वह न ही समय पर जापान पहुंच पाए और न ही ओपनिंग सेरेमनी में ध्वजवाहक बन पाएं। अंतिम समय में भारत को कब्ड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत का नाम ध्वजवाहक के तौर पर फाइनल करना पड़ा।
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