नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में अब रोबोटिक तकनीक की एंट्री की तैयारी दिखाई दे रही है। पुलिस मुख्यालय में एक हाईटेक रिमोट ऑपरेटेड व्हीकल (ROV) का प्रदर्शन किया गया। यह रोबोट दूर से संचालित होकर संदिग्ध और खतरनाक वस्तुओं को उठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में मदद कर सकता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह करीब 8 से 50 किलो तक वजन उठाने में सक्षम बताया गया है।
खतरनाक चीजों के पास नहीं जाना पड़ेगा
किसी सार्वजनिक स्थान पर संदिग्ध बैग, विस्फोटक या दूसरी खतरनाक वस्तु मिलने पर उसे संभालना पुलिसकर्मियों के लिए जोखिम भरा होता है। ऐसे मामलों में यह रोबोट मददगार हो सकता है। इसे सुरक्षित दूरी से रिमोट के जरिए ऑपरेट किया जा सकता है, जिससे जवानों को सीधे संदिग्ध वस्तु के पास जाने की जरूरत कम हो सकती है।
50 किलो तक वजन उठाने की क्षमता
डेमो में सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह ROV करीब 8 से 50 किलो तक की वस्तु उठाकर ले जाने में सक्षम है। रोबोट में ऐसी व्यवस्था है, जिसके जरिए संदिग्ध सामान को पकड़कर स्थानांतरित किया जा सकता है। भारी या जोखिम वाली वस्तुओं को संभालने में यह तकनीक खास तौर पर उपयोगी हो सकती है।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में हुआ प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से पुलिस मुख्यालय में इस रोबोटिक सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अधिकारियों के सामने रोबोट की कार्यप्रणाली और उसकी क्षमता को दिखाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कई कंपनियों ने अपने रोबोटिक सिस्टम का प्रदर्शन पुलिस अधिकारियों के सामने किया।
बम और विस्फोटक मामलों में मिल सकती है मदद
ऐसे रोबोट का इस्तेमाल संभावित रूप से संदिग्ध बम, विस्फोटक, गोला-बारूद या दूसरी खतरनाक वस्तुओं से जुड़े मामलों में किया जा सकता है। किसी संदिग्ध वस्तु की सूचना मिलने पर प्रशिक्षित टीम पहले इलाके को सुरक्षित करती है। इसके बाद रोबोट की मदद से वस्तु को दूर से संभालने की कोशिश की जा सकती है।
रिमोट से होगा पूरा ऑपरेशन
ROV की सबसे बड़ी खासियत इसका रिमोट से संचालित होना है। ऑपरेटर खुद संदिग्ध वस्तु के पास जाने के बजाय दूरी से रोबोट को नियंत्रित कर सकता है। जरूरत के मुताबिक इसे वस्तु तक पहुंचाया जा सकता है और इसकी पकड़ वाली प्रणाली की मदद से सामान उठाया जा सकता है।
पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर जोर
संदिग्ध विस्फोटक से जुड़े मामलों में कुछ सेकंड भी काफी अहम होते हैं। ऐसे में तकनीक के जरिए पुलिसकर्मियों को संभावित खतरे से दूर रखना महत्वपूर्ण हो सकता है। यह रोबोट इसी दिशा में एक तकनीकी विकल्प के तौर पर सामने आया है।
हालांकि, फिलहाल इसे दिल्ली पुलिस में नियमित रूप से तैनात किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मुख्यालय में इसका डेमो किया गया है और आगे इसके इस्तेमाल को लेकर फैसला लिया जाना बाकी है।
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