ईरान और इज़राइल के बीच लगातार संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। इसकी मुख्य वजह दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे को अपने अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा मानना एवं मध्य पूर्व में क्षेत्रीय महाशक्ति बनने की होड़ है। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान की सरकार इज़राइल के अस्तित्व को मान्यता नहीं देती है एवं उसे खत्म करने का लक्ष्य रखती है। वहीं इसके ठीक विपरीत, इज़राइल ईरान की आक्रामक नीतियों व बयानों को अपने लिए अस्तित्वगत खतरा मानता है और उनका विरोध करती है।

नेतन्याहू ने कई देश के प्रतिनिधियों को नैतिक रूप से कायर कहा

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार 24 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में जैसे ही अपने भाषण शुरू किए कई देशों के प्रतिनिधि सदन से बाहर निकल गए। जबकि इजरायली प्रतिनिधि खड़े होकर नेतन्याहू के समर्थन में नारे लगाते हुए तालियां बजाने लगे। बेंजामिन नेतन्याहू ने भाषण के दौरान सदन से बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर कोई और ‘नैतिक रूप से कायर’ प्रतिनिधि अभी सदन में रह गया है तो वह भी बाहर जा सकता है।

नेतन्याहू ने कहा इजरायल का अस्तित्व कभी कमजोर नहीं पड़ेगा

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान का जिक्र करते हुए कहा कि यहां की मौजूदा सरकार अपने झूठ, भ्रष्टाचार और क्रूरता की वजह से आखिरकार खत्म हो जाएगी और ईरानी लोग आजाद हो जाएंगे।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल एकमात्र ऐसा देश है, जहां ईसाई आबादी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने अपने भाषण के अंत में कहा कि इजरायल का अस्तित्व कभी कमजोर नहीं पड़ेगा क्योंकि उसके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी पर साधा निशाना

बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने भाषण में गाजा में इजरायल की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि इजरायल ने नरसंहार नहीं किया है, बल्कि उसे रोकने की कोशिश की है। नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ममदानी उन्हें UN आने से रोकना एवं चुप कराना चाहते थे, लेकिन वह सच बोलने से पीछे नहीं हटेंगे। इसके साथ ही नेतन्याहू ने ममदानी पर हमास का समर्थन करने का आरोप लगाया।

नेतन्याहू का बयान इजरायल को अमेरिका से बड़ा सहयोगी नहीं मिला

वहीं दूसरी ओर मेयर जोहरान ममदानी ने नेतन्याहू के इस बयान को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इससे गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण के दौरान नेतन्याहू ने ईरान, गाजा, वेस्ट बैंक एवं क्षेत्र में इजरायल के दूसरे मोर्चों का भी जिक्र किया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि इजरायल को अमेरिका से बड़ा सहयोगी नहीं मिला है।