लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए शहीद पथ पर एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। करीब 23 किलोमीटर लंबे शहीद पथ पर मल्टी-लेयर कॉरिडोर बनाने की योजना है। इस प्रोजेक्ट में सड़क के साथ मेट्रो और मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी MRTS को भी संयुक्त किया जाएगा। वही सरकार का कहना है कि इससे राजधानी में यातायात को ज्यादा सुगम और आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।

एक ही कॉरिडोर में कई स्तरों पर कनेक्टिविटी

प्रस्तावित परियोजना की खासियत यह है कि शहीद पथ पर अलग-अलग परिवहन साधनों को एक ही कॉरिडोर के जरिए जोड़ने की योजना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि 23 किलोमीटर लंबे इस विश्वस्तरीय मल्टी-लेयर कॉरिडोर में दो फ्लाईओवर, मेट्रो और MRTS को एकीकृत किया जाएगा।

साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य शहीद पथ पर वाहनों के बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी तैयार करना है।

एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक कनेक्टिविटी पर जोर

शहीद पथ लखनऊ के कई प्रमुख हिस्सों को जोड़ने वाला अहम मार्ग है। प्रस्तावित कनेक्टिविटी प्लान का फायदा एयरपोर्ट और शहर के दूसरे हिस्सों के बीच आवाजाही को भी मिल सकता है। मल्टी-लेयर व्यवस्था के जरिए अलग-अलग दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक को बेहतर तरीके से मैनेज करने की कोशिश की जाएगी।

इस परियोजना में सड़क के साथ मेट्रो और MRTS को जोड़ने का प्रावधान लखनऊ की शहरी परिवहन व्यवस्था को मल्टी-मॉडल बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि अंतिम डिजाइन और निर्माण से जुड़ी विस्तृत तकनीकी जानकारी परियोजना की डीपीआर में सामने आएगी।

नितिन गडकरी ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जुलाई 2026 में लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शहीद पथ के इस प्रोजेक्ट की जानकारी दी थी। PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक उन्होंने कहा कि 23 किलोमीटर लंबे विश्वस्तरीय मल्टी-लेयर कॉरिडोर में दो फ्लाईओवर, मेट्रो और मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को एकीकृत किया जाएगा। उनके मुताबिक इससे राजधानी में यातायात अधिक सुगम, तेज और आधुनिक बनेगा तथा शहरी परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

गडकरी ने इसी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में अगले दो वर्षों के दौरान करीब 5 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं पूरी करने की बात भी कही थी। उन्होंने कहा था कि शहीद पथ से जुड़ी परियोजना के लिए दिसंबर 2026 से पहले भूमिपूजन का लक्ष्य रखा गया है।

लखनऊ के ट्रैफिक के लिए क्यों अहम है यह प्लान?

शहीद पथ पर लगातार बढ़ती आवाजाही के बीच एक ही कॉरिडोर में सड़क और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाओं को जोड़ने से ट्रैफिक मैनेजमेंट के नए विकल्प तैयार हो सकते हैं। इससे यात्रियों को अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

हालांकि परियोजना पूरी होने के बाद ट्रैफिक पर इसका वास्तविक असर इसकी अंतिम डिजाइन, क्षमता और आसपास की सड़कों से कनेक्टिविटी पर निर्भर करेगा। फिलहाल सरकार की योजना शहीद पथ को लखनऊ के एक आधुनिक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की है।

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