Nepal Sunsari Communal Clash: भारत के बिहार राज्य से सटे नेपाल के कोशी प्रांत स्थित सुनसरी जिले में दो समुदायों के बीच भड़की सांप्रदायिक हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया है। रविवार देर रात शुरू हुई इस झड़प में 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि सुरक्षाकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं। स्थिति को बिगड़ता देख स्थानीय प्रशासन ने सोमवार सुबह से जिले के पांच प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन निषेधाज्ञा (कर्फ्यू) लागू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, हिंसा देवगंज ग्राम पंचायत के कप्तानगंज इलाके में शुरू हुई। रविवार रात एक तरफ सोमवार को सप्तकोशी नदी की ओर जाने वाली ‘बोलबम’ तीर्थयात्रा का जुलूस निकाला जा रहा था, जिसमें डीजे और लाउडस्पीकर बज रहे थे। वहीं दूसरी तरफ दूसरे समुदाय के लोग अपने धार्मिक कार्यक्रम में व्यस्त थे।
विवाद की मुख्य वजह लाउडस्पीकर की तेज आवाज (शोर) और धार्मिक झंडे लगाना बनी। एक पक्ष द्वारा तेज संगीत का विरोध करने पर दोनों समुदायों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक पथराव, मारपीट और आगजनी में बदल गई।
तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस कार्रवाई
झड़प के दौरान उपद्रवियों ने कप्तानगंज बाजार इलाके में घरों, गाड़ियों और मेडिकल सुविधाओं में तोड़फोड़ की।सरकारी व निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और आगजनी की। हालात पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग की। इसके बावजूद जब भीड़ ने उपद्रव जारी रखा, तो पुलिस को बल प्रयोग करते हुए गोलियां चलानी पड़ीं।
हताहतों की जानकारी
गोलीबारी में 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई। घटना में घायल 12 से अधिक लोगों (प्रदर्शनकारियों व सुरक्षाकर्मियों) को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर (CDO) बासुदेव घिमिरे द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सुनसरी के कप्तानगंज बाजार और दीवानगंज ग्रामीण नगरपालिका-3 समेत पांच बाजार क्षेत्रों में सोमवार सुबह 7 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
कर्फ्यू के कड़े नियम
4 से अधिक लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर पूर्ण प्रतिबंध है, किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, जनसभा या धरने पर रोक लगा दिया गया है. इतना ही नहीं उल्लंघन करने वालों पर 500 नेपाली रुपये का जुर्माना, 1 महीने तक की जेल या दोनों हो सकते हैं। भारत-नेपाल सीमा से सटा होने के कारण यह इलाका दोनों देशों के बीच आवागमन और व्यापार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
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Written by Shailesh Yadav