Indian Air Force QFI RAF Valley: भारत और ब्रिटेन के रक्षा संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ी है। भारतीय वायुसेना (IAF) के तीन क्वॉलिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर यानी QFI अब ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स (RAF) के पायलटों को प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए तीनों भारतीय प्रशिक्षकों ने वेल्स स्थित RAF Valley ट्रेनिंग सेंटर में अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है।

यह पहली बार है जब भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर ब्रिटेन जाकर वहां की रॉयल एयरफोर्स के पायलटों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसे भारत और ब्रिटेन के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

RAF Valley में संभाली जिम्मेदारी

भारतीय वायुसेना के मीडिया कोऑर्डिनेशन सेंटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस तैनाती की जानकारी दी। पोस्ट में बताया गया कि भारतीय वायुसेना के तीन क्वॉलिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर ने वेल्स स्थित RAF Valley में रॉयल एयरफोर्स के पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए ज्वाइन किया है।RAF Valley ब्रिटिश रॉयल एयरफोर्स के प्रमुख फ्लाइंग ट्रेनिंग केंद्रों में शामिल है। यहां पायलटों को उड़ान प्रशिक्षण और संचालन से जुड़ी आवश्यक दक्षताएं विकसित कराई जाती हैं। ऐसे में भारतीय प्रशिक्षकों की तैनाती दोनों देशों के बीच पेशेवर अनुभव साझा करने का अवसर भी देगी।

दोनों वायुसेनाओं के बीच बढ़ेगा तालमेल

भारतीय QFIs की तैनाती का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं है। इससे भारतीय वायुसेना और रॉयल एयरफोर्स के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।दोनों देशों के प्रशिक्षक और पायलट अपने-अपने अनुभव, प्रशिक्षण पद्धतियों और संचालन संबंधी समझ साझा कर सकेंगे। इसका लाभ भविष्य में संयुक्त सैन्य अभ्यासों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संभावित अभियानों के दौरान बेहतर तालमेल के रूप में मिल सकता है।भारत और ब्रिटेन पिछले कुछ वर्षों से सैन्य अभ्यास, समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण और रक्षा क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। भारतीय QFIs की तैनाती इसी बढ़ते सहयोग की एक व्यावहारिक मिसाल है।

भारत-UK रक्षा सहयोग पर लगातार हो रही बातचीत

भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत भी लगातार जारी है। इससे पहले अप्रैल में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन निकोलस पॉवेल के साथ बैठक की थी। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के मौजूदा ढांचे की प्रगति पर चर्चा हुई थी।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी ब्रिटिश राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत की थी। वहीं, पॉवेल और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच हुई वार्ता में वार्षिक भारत-UK Strategic Dialogue से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

संयुक्त अभ्यास और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ावा

पिछले साल अक्टूबर में ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री कीर स्टारमर भारत दौरे पर आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने सशस्त्र बलों के बीच संपर्क, प्रशिक्षण और आदान-प्रदान बढ़ाने पर सहमति जताई थी।इसमें संयुक्त सैन्य अभ्यास, ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण के जरिए सहयोग मजबूत करने की बात कही गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के भारत दौरे और रॉयल नेवी तथा भारतीय नौसेना के बीच होने वाले KONKAN अभ्यास का भी स्वागत किया था।

भारतीय QFI की तैनाती क्यों है खास?

भारतीय वायुसेना के तीन QFI की RAF Valley में तैनाती कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इससे दोनों देशों की वायुसेनाओं को प्रशिक्षण से जुड़ी विशेषज्ञता और अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह सैन्य शिक्षा, पायलट प्रशिक्षण और पेशेवर सहयोग के क्षेत्र में भारत-UK संबंधों को नई मजबूती दे सकती है।दोनों देशों के बीच पहले से ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर सहमति बनी थी, जिसके तहत भारतीय वायुसेना के क्वॉलिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स की प्रशिक्षण व्यवस्था का हिस्सा बन सकें। अब तीन भारतीय QFIs के RAF Valley पहुंचने के साथ यह सहयोग वास्तविक रूप ले चुका है।