Yamuna Cleaning News: छठ पूजा से पहले दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया है कि राजधानी में यमुना के करीब 30 किलोमीटर हिस्से की सफाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली के लोगों को साफ यमुना उपलब्ध कराना है, ताकि छठ व्रती नदी के किनारे प्राकृतिक जलस्रोतों पर पूजा कर सकें।
छठ से पहले यमुना की सफाई पर जोर
यमुना नदी का दौरा करने पहुंचे मनोज तिवारी ने सफाई अभियान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री प्रवेश वर्मा को इसका श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में नदी की सफाई के लिए प्रयास किए गए हैं और इसका असर देखने को मिल रहा है।
तिवारी ने नदी के आसपास पक्षियों की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए जैव विविधता के संरक्षण पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि यमुना की सफाई के साथ-साथ उसके प्राकृतिक वातावरण को बचाना भी जरूरी है। हालांकि, नदी का पानी वास्तव में कितना साफ हुआ है, इसका पता वैज्ञानिक जांच और जल गुणवत्ता के आंकड़ों से ही लगाया जा सकता है।
यमुना की सफाई पर मनोज तिवारी का दावा, विपक्ष को डुबकी लगाने की चुनौती बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने दो साल के भीतर यमुना के आधे से ज्यादा हिस्से को साफ कर दिया है। मनोज तिवारी ने यमुना में डुबकी लगाकर सफाई का दावा किया और विपक्ष को निशाने पर लेते हुए पूछा कि डुबकी लगाने कौन आएगा। #YamunaRiver #ManojTiwari #DelhiNews #BJP #AAP @ManojTiwariMP | @BJP4India | @AAPDelhi Yamuna Cleaning, Manoj Tiwari, Delhi Yamuna News, Yamuna River Pollution, Delhi BJP Government Naseeruddin Shah | #ESTIC_2026 | #SanjayJha | #RealWaliDiwaliSaleIsLive | पैन कार्ड | आजम खान
— TNP NEWS (@TNPNEWS1) October 29, 2026
58 किलोमीटर नहीं, करीब 30 किलोमीटर हिस्सा साफ हुआ
यमुना की सफाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मनोज तिवारी ने स्पष्ट किया कि सरकार दिल्ली में पूरे 58 किलोमीटर हिस्से की सफाई का दावा नहीं कर रही है। उनके मुताबिक, राजधानी में यमुना के करीब 30 किलोमीटर हिस्से की सफाई की गई है।
छठ पूजा से पहले यमुना की स्वच्छता का मुद्दा धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण से भी जुड़ा है। ऐसे में सफाई अभियान के दावों के बीच नदी के पानी की गुणवत्ता, प्रदूषण के स्तर और सफाई के नतीजों पर भी नजर रहेगी।