नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय के अक्टूबर मंथली इकोनॉमिक रिव्यू के मुताबिक, मौजूदा  वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई से सितंबर तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में 7.35% की वृद्धि दर्ज हो सकती है।  यह अनुमान देश की आर्थिक गतिविधियों, विकास की रफ्तार और प्रमुख क्षेत्रों के प्रदर्शन को लेकर महत्वपूर्ण संकेत देता है। हालांकि, यह अनुमान है; वास्तविक वृद्धि दर की पुष्टि आधिकारिक आंकड़े जारी होने के बाद होगी।

वित्त मंत्रालय के आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी के संकेत

इसमें आर्थिक गतिविधियों के संकेतकों में औद्योगिक उत्पादन, ऊर्जा खपत, बंदरगाहों पर माल ढुलाई, GST संग्रह और वाहन बिक्री में मजबूती शामिल है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक अनिश्चितता अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बनी रह सकती है। यह अनुमान, वित्त मंत्रालय के नाउकास्टिंग मॉडल पर आधारित है। जो अप्रैल-जून तिमाही के अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करने के बाद आया है। इसे लेकर मंत्रालय ने पहले अपने सितंबर रिव्यू में दूसरी तिमाही के लिए लगभग 7.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के संकेत किए थे। 

इंडिकेटर Q2 FY27 में लगातार बढ़ोत्तरी की रफ़्तार की ओर इशारा

मंत्रालय के मंथली इकोनॉमिक रिव्यू में बताया गया कि इंडस्ट्रियलप्रोडक्शन, बिजली की खपत, पोर्ट ट्रैफिक, GST कलेक्शन और ऑटोमोबाइल सेल्स सहित कई मुख्य इकॉनमिक इंडिकेटर्स ने दूसरी तिमाही के दौरान मजबूत बढ़ोत्तरी दर्ज की। जो कुल मिलाकर इंडिकेटर Q2 FY27 में लगातार बढ़ोत्तरी की रफ़्तार की ओर इशारा करते हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया कि जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान ग्रॉस GST कलेक्शन में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछली तिमाही में यह लगभग 8.4 प्रतिशत था।

घरेलू ऑटोमोबाइल की बिक्री में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी 

इस संदर्भ में मंत्रालय ने ग्रामीण और शहरी बाज़ारों में डिमांड की वजह से घरेलू ऑटोमोबाइल की बिक्री में भी साल-दर-साल लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इस रिपोर्ट में कहा गया कि तिमाही के आखिर में बिज़नेस गतिविधि में सुधार के संकेत दिखे। जिसमें सितंबर में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज़ एक्टिविटी मज़बूत हुईं। रिपोर्ट में कहा गया कि PMI रीडिंग में रिकवरी, बेहतर बिज़नेस सेंटिमेंट के साथ, आने वाले महीनों के लिए सावधानी से अच्छे आउटलुक की ओर इशारा करती है।